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सिकन्दरपुर: पिछले 20 सालों से भारतीय संस्कृति की मिसाल कायम कर रहे हैं इस गांव के युवक व बच्चे


सिकन्दरपुर (बलिया) वैसे तो आज के इस आधुनिकता की अंधी दौड़ मे हमारी नई पीढ़ी सभ्यता और संस्कारों को लगातार भुलाती जा रही है, ऐसे मे इस गांव के कुछ नवयुवकों के प्रयास से भारत की तहजीब व सभ्यता को कायम कर प्रभु राम व कृष्ण के आदर्शों को समाज मे प्रचारित व प्रसारित कर एक नया इतिहास रच रहे है, जी हा हम बात कर रहे है तहसील क्षेत्र के सिकिया गांव की जहां 100 वर्ष से भी ज्यादा पुरानी प्राचीन माँ दुर्गा के मंदिर पर श्री कृष्ण बाललीला कमेटी द्वारा पिछले 20 साल से लगातार रामलीला, कृष्णलीला का मंचन व फलहारी बाबा प्रेमदास महाराज के द्वारा अनवरत प्रवचन का कार्यक्रम होता चला आ रहा है, दिलचस्प बात ये है कि संम्पूर्ण रामलीला व कृष्णलीला का मंचन इस गांव के बच्चे और युवक खुद ही करते हैं और इस आयोजन का संचालन गांव के ही सुनिल सिंह विभुति द्वारा किया जाता हैं।

श्री कृष्ण बाललीला कमेटी के अध्यक्ष रमाकांत सिंह व सुमेर सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि गांव के युवकों के अथक प्रयास से हमलोग हर साल नवरात्रों के पहलें दिन से ही गांव के ही बच्चों व युवाओं द्वारा रामलीला व कृष्णलीला का शानदार आयोजन किया जाता है, जिसकी तैयारी महीनों पूर्व से की जाती है, माँ दुर्गा के प्राचीन मंदिर पर कमेटी द्वारा आयोजित प्रभु श्रीराम व श्रीकृष्ण की लीलाओं मे दर्शक के रूप मे गांव के बच्चे, बुड्ढ़े, महिलाएं व युवक शाम ढ़लते ही सैकड़ों की संख्या मे जुट जाते हैं व देररात तक लीला व प्रवचन का रसपान करते है।
इस आयोजन के सहयोगियों मे मुख्य रूप से मनोज कुमार सिंह, अजीत सिंह, बृजेश सिंह, नीरज सिंह, अवधेश सिंह, सुधीर सिंह, सुमेर सिंह, राजीव कुमार सिंह, राज कुमार सिंह, संजय सिंह, डब्लू सिंह प्रधान, दीपू सिंह, उमेश चंद्र सिंह,मनीष सिंह, मंटू सिंह व सत्येंद्र सिंह आदि लोगों का प्रमुख योगदान होता हैं।

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