वाराणसी (ब्यूरो) - 13 अक्टूबर। लंबे समय से हत्या के पुराने मामले में पुलिस की पकड़ से दूर सपा के चंदौली से पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और उनके बेटे गौरव जयसवाल को आज कोर्ट ने फरार घोषित किया है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों पर फरारी का पोस्टर चस्पा कर दिया है.
अदालत ने दोनों आरोपियों कि फरारी की घोषणा करने के बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तहसील, कोर्ट परिसर और शहर के अन्य सार्वजनिक स्थलों पर इस आदेश को चस्पा कराने का आदेश भी पुलिस को दिया है. अदालत ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया था. जिसके बाद भी इनकी गिरफ्तारी ना होने पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है.
दरअसल 2012 में अर्दली बाजार क्षेत्र में बैंक कर्मी महेश जयसवाल की गोली मारकर हत्या हो गई थी. इस मामले में जब मुकदमे की विवेचना शुरू हुई तो समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और उनके बेटे गौरव का नाम भी प्रकाश में आया. पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए इनके खिलाफ जांच शुरू की और कई बार इनसे पूछताछ की कोशिश हुई लेकिन इनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी.
इसके तहत इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने अदालत में इस आशय प्रार्थना पत्र दाखिल किया कि जवाहर जयसवाल और उनके बेटे गौरव की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास करने के बाद भी इनको पकड़ पाना संभव नहीं हो सका है. सगे संबंधियों के जरिए इनके द्वारा अपनी चल अचल संपत्ति हटाई जा रही है. हाई कोर्ट द्वारा दोनों की गिरफ्तारी पर रोक के लिए कोई स्थगन आदेश भी पारित नहीं किया गया है।
ऐसी स्थिति में आरोपियों के विरुद्ध धारा 82 के तहत फरार घोषित किया जाना आवश्यक है. इसी प्रार्थना पत्र के साथ मुकदमा से संबंधित केस डायरी भी अदालत में पेश की गई थी. जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया है।
रिपोर्ट- वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला हाशमी

