80वें स्वतंत्रता दिवस पर इंक्रेडिबल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा, गीत संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से गूंजता रहा विद्यालय परिसर
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गरिमा और देशभक्ति की भावना
सिकन्दरपुर (बलिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के लिलकर स्थित इंक्रेडिबल पब्लिक स्कूल में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। शनिवार की सुबह से ही विद्यालय परिसर तिरंगे की छटा और देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा परिसर राष्ट्रगान की गूंज से भर उठा। उपस्थित लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
देश के प्रति समर्पण की भावना
ध्वजारोहण के बाद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन एवं डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता केवल इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय नहीं, बल्कि एक ऐसी अमूल्य विरासत है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का आधार बनाएं तथा अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग देश के विकास में करें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत की दिशा और दशा तय करेंगे। इसलिए प्रत्येक छात्र को अपने भीतर जिम्मेदारी, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करनी चाहिए।
आजादी का सच्चा सम्मान
विद्यालय के प्रधानाचार्य राघवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता के वास्तविक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी का सच्चा सम्मान केवल उत्सव मनाने से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा से पालन करने से होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय की पाबंदी, कठिन परिश्रम, ईमानदारी और समर्पण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के निर्माता हैं और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, कविताएं, भाषण, नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की ओज पूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। कभी देशभक्ति गीतों की गूंज तो कभी भारत माता के जयकारों से पूरा विद्यालय परिसर उत्साह से भर उठा। भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से विद्यालय परिसर गूंजता रहा।
भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष धनंजय मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक महत्व तभी है, जब प्रत्येक नागरिक देश को आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व पटल पर तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और इस विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में देश के युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर युवा भारत के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।
विद्यालय का रहा महत्वपूर्ण योगदान
समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के उप प्रधानाचार्य राजेश तिवारी एवं योगेश तिवारी के साथ राजेश श्रीवास्तव, रणेंद्र नाथ तिवारी, तनमन राय, नीतीश यादव, राजशेखर राज, दिलीप कुमार वर्मा, मिथिलेश यादव, दीपक कुमार, मन्नू पटेल, आदित्य यादव, सत्य प्रकाश सिंह, प्रज्वल राय, दयानंद चौहान, रामानंद यादव, बिंदा गौतम, स्वीटी पाण्डेय, पूनम सिंह, प्रिया वर्मा, नीतू मिश्रा एवं आंचल दुबे सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
देशभक्ति के उत्साह के साथ समापन
समारोह के दौरान विद्यालय परिवार ने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों और देशभक्ति के उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन हुआ।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

