अलीगढ़ (ब्यूरो) रमजान का चांद देखने के साथ ही इबादतों का महीना रमजान शुरू हो गया हैं, मंगलवार से रोजा शुरू हो गया है, इस साल पहला रोजा 14 घंटे 58 मिनट का हैं, इस दौरान मौसम भी रोजेदारों का कड़ा इम्तिहान लेगा, रोजेदार तपती गर्मी में भी अल्लाह की इबादत कर रहें हैं, सोमवार की देर शाम ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद मे इंतजामिया कमेटी की ओर से आसमान मे चांद का दीदार करते ही बरकतों, इबादतों, अजमतो के माह रमजान की शुरूआत बीते मंगलवार से होने की घोषणा कल दी, ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद की गुम्बद पर बल्ब की रोशनी करने के साथ ही सायरन बजाया गया, इससे पहले उन्होंने लखनऊ, दिल्ली समेत अन्य शहरों के शहल मुफ्ती से वार्ता कर चांद दिखने की तस्दीक की, चांद की दृश्यता केवल कुछ सेंकेड रहीं, माना जा रहा था कि देर रात चांद दिखाई देगा, लेकिन इस बार 7:32 बजे से 07:35 के बीच चांद दिखाई दिया, चांद दिखने के साथ ही मस्जिदों में तरावीह का सिलसिला शुरू हो गया।
इस साल रमजान मे सबसे लंबा रोजा 15 घंटे 37 मिनट का होगा, माह-ए-रमजान के 29 रोजे 15 घंटे से अधिक के होगे, आखिरी असरे के 10 रोजे तो साढ़े 15 घंटे से ऊपर के होगें, 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच मोमीनों को रोजे रखने होगें, लिहाजा मई जून के महीने में गर्मी की तपिश रोजेदारों का पूरा इम्तिहान लेगी शहर की तमाम मस्जिदों में उलमा ने रमजान की फजीलतें बयां की, वही रमजान में शहरी और इफ्तार का टाइम टेबल भी जारी हो गया, टाइम टेबल की जंतरी मस्जिदों के बाहर मोमिनो को बांटी गई हैं, शहर मुफ्ती खालिद हमीद के मुताबिक रमजान के पाक महीने में कुरान पाक नाजिल हुआ इसीलिए यह सबसे अफजल माह है, कहा कि रमजान का इस्तकबाल मेहमान की तरह करें, तमाम अहले इमान अपने आप को रोजे, तरावीह और सहरी के लिए तैयार करें, शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने बताया कि इस बार कुल चार जुमे आएंगे, पहला जुम्मा 10 मई, दूसरा 17 मई, तीसरा 24 मई और अलविदा जुम्मा 31 मई को होगा, अलविदा जुम्मा का 26वां रोजा 934 मिनट का होगा, गर्मी के शिद्दत के बीच 15 घंटे 34 मिनट भूखे प्यासे रहकर रोजेदार अल्लाह की इबादत करेंगे वहीं 5 जून को ईद मनाई जाएगी।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

