लखनऊ (ब्यूरो) उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, ओमप्रकाश राजभर आज पच्चीस उम्मीदवारों के नाम की घोषणा भी करेंगे, हालांकि ओमप्रकाश राजभर मंत्री पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे, उन्होंने बताया कि इस्तीफ़ा देने के लिए कल दोपहर को सीएम योगी आदित्यनाथ से समय मांगा था लेकिन कल उन्होंने समय नहीं दिया गया, अब वो छठे और सातवें चरण के चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी मैदान मे उतारेंगे और मंत्री पद पर भी बने रहेंगे, बता दें कि पिछले काफी समय से इस बात की चर्चा चल रही थी।
थोड़े समय पहले ही ओमप्रकाश राजभर ने कहा था, "मैं बीजेपी का नेता नहीं, हमारी अलग पार्टी है, पूर्वांचल में हमारी ताकत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने हमें अपने साथ लिया था, हम किसी की कृपा से नहीं, जनता के हक की लड़ाई लड़कर मंत्री बने हैं, इसलिए सच बोलते हैं और आगे भी बोलता रहुंगा, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता हितों को लेकर मेरी वैचारिक लड़ाई है।
बता दें कि ओमप्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर प्रदेश में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण नहीं दिया गया तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग हो जाएगी, सुहेलदेव भारतीय समता पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ने कहा था, "जब चुनाव नजदीक आता है तो बीजेपी को सहयोगी दल याद आते हैं, पर इस बार बिल्ली मट्ठा भी फूंककर पीएगी।
ज्ञात हो कि ओमप्रकाश राजभर ने साफ किया था कि अगर उनकी मांग को योगी सरकार द्वारा अनसुना किया गया तो इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ेगा, उन्होंने कहा था कि पहले उनकी पार्टी पूर्वांचल के 32 सीटों पर ही प्रभावी थी लेकिन अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश की 80 सीटों पर पार्टी की हैसियत और आमजनता मे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ी है, क्योंकि वह सरकार में रहते हुए जनता की हर समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजाती रहीं हैं, बताते चले की उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चार विधायक हैं।
थोड़े समय पहले ही ओमप्रकाश राजभर ने कहा था, "मैं बीजेपी का नेता नहीं, हमारी अलग पार्टी है, पूर्वांचल में हमारी ताकत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने हमें अपने साथ लिया था, हम किसी की कृपा से नहीं, जनता के हक की लड़ाई लड़कर मंत्री बने हैं, इसलिए सच बोलते हैं और आगे भी बोलता रहुंगा, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता हितों को लेकर मेरी वैचारिक लड़ाई है।
बता दें कि ओमप्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर प्रदेश में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण नहीं दिया गया तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग हो जाएगी, सुहेलदेव भारतीय समता पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ने कहा था, "जब चुनाव नजदीक आता है तो बीजेपी को सहयोगी दल याद आते हैं, पर इस बार बिल्ली मट्ठा भी फूंककर पीएगी।
ज्ञात हो कि ओमप्रकाश राजभर ने साफ किया था कि अगर उनकी मांग को योगी सरकार द्वारा अनसुना किया गया तो इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ेगा, उन्होंने कहा था कि पहले उनकी पार्टी पूर्वांचल के 32 सीटों पर ही प्रभावी थी लेकिन अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश की 80 सीटों पर पार्टी की हैसियत और आमजनता मे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ी है, क्योंकि वह सरकार में रहते हुए जनता की हर समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजाती रहीं हैं, बताते चले की उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चार विधायक हैं।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

