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बलिया: क्या भाजपा प्रत्याशी फिर से खिला पायेंगे कमल, एक नजर विरेन्द्र सिंह मस्त के सियासी सफर पर



बलिया (ब्यूरो) सोलहवीं लोकसभा 2014 में भदोही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले वीरेंद्र सिंह "मस्त" एक सामाजिक कार्यकर्ता और किसान हैं, उन्होंने स्नातक तक की शिक्षा हासिल की है, वह अब तक 3 बार भदोही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत चुके हैं।
वीरेंद्र सिंह का जन्म 21 अक्तूबर 1956 में बलिया के दोकटी गांव में हुआ, वीरेंद्र सिंह के नाम के साथ ‘मस्त’  मुनेश्वरा नंद खपरिया बाबा ने जोड़ दिया, वीरेंद्र सिंह 'मस्त' की ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति में पैर रखा इस तरह वे राजनीति के अखाड़े में पहुंच गयें।
भाजपा ने जिले के निवासी और भदोही से तीन बार सांसद रहे वीरेंद्र सिंह 'मस्त' को बलिया लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है, इसको लेकर भाजपाजनों में काफी खुशी व्याप्त है, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त दूसरी बार बलिया लोकसभा से चुनाव लड़ेंगे, इससे पहले वे तीन बार भदोही का सांसद रह चुके है।
वीरेंद्र सिंह 'मस्त' 1988 से 1989 तक भदोही भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे, 1989 से 1992 तक भदोही भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। पहली बार वीरेंद्र सिंह 'मस्त' 1991 में भदोही लोकसभा से 10वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित घोषित किये गए। जबकि 1996 से 1998 भदोही भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहे।
फिर से 1998 मे भदोही से 12वीं लोकसभा के लिए दूसरी बार निर्वाचित हुए, पहली बार बलिया से भारतीय जनता पार्टी से ही वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा का चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री स्वं चंद्रशेखरजी के पुत्र निरज शेखर के खिलाफ चुनाव लड़े लेकिन बदकिस्मती से चुनाव हार गए।
2014 में भदोही से ही तीसरी बार 16वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन भाजपा ने वीरेंद्र सिंह 'मस्त' को टिकट देने के चक्कर में वर्तमान सांसद भरत सिंह का टिकट काट दिया। सांसद वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ का टिकट फाइनल होने पर भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय कार्य समिति का निर्णय बहुत ही सराहनीय है, भाजपा का हर कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह मस्त के लिए जी जान लड़ा देगा, बलिया से मस्त भारी मतों से विजयी होंगे, वहीं जहां तक उनके तीसरे संसदीय कार्यकाल में उनकी संसद में उपस्थिति का सवाल है तो उनकी उपस्थिति 91% (8 जनवरी, 2019) तक रही है, उन्होंने 26 बहस में हिस्सा लिया, बहस के दौरान उन्होंने कुल 9 बार सवाल उठाए, अब तक वर्तमान लोकसभा के चले कुल 16 सत्रों में उनकी 2 बार संसद में उपस्थिति 100% रही हैं।

रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

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