रामपुर (उत्तर प्रदेश) मुस्लिम सियासत के गढ़ में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं वरिष्ठ सपा नेता आजम खान का मुकाबला उन्हीं जयाप्रदा से हैं जिन्हें उन्होंने पंद्रह बरस पहले तहजीबो का शहर कहें जाने वालें रामपुर से रूबरू कराया था, एक बात और जहां आजम खांन हो और वहां विवाद ना हो ऐसा कम ही होता है, यही वजह है कि किसी जमाने में धारदार चाकू के लिए मशहूर शहर रामपुर अब आजम खान के चुटकुले व अमर्यादित शब्दों की धार के चलते बहुत चर्चा में है, भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा इन दिनों आजम के तीखे बयानों को मुद्दा बना रही हैं और अपने चुनाव को महिला सम्मान से जोड़ कर आम जनता से न्याय की भीख मांग रही है।
नवाब फैजुल्लाह खान द्वारा बसाए गए रामपुर की गिनती तहजीब के शहरों में होती है, जरी-जरदोजी, प्लाईवुड, चीनी मिट्टी व कपड़ों के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले रामपुर को नई पहचान आजम खान ने दी है, वह यहां से 9 बार विधायक चुने गए हैं, 1980 के बाद से कोई ऐसा इलेक्शन नहीं है जिसमें उनकी सक्रिय भागीदारी ना रही हो, 2004 में नवाब परिवार के नूर बानो की सियासी काट के लिए वह अभिनेत्री जयाप्रदा को चुनाव लड़ाने रामपुर लाए थे, हालांकि जल्द ही जयाप्रदा उनके सियासी गुरु अमर सिंह से आजम खान की खटपट शुरू हो गई और 2009 आते-आते आजम खान सपा से बाहर थे व जया उनके विरोध के बावजूद भी रामपुर से सांसद चुनी गई, तब जयाप्रदा सपा से थी, अब भाजपा प्रत्याशी के रूप में आजम खान से मुकाबला है, 2009 के लोकसभा चुनाव में जयाप्रदा का चुनाव अभियान संभालने वाले अमर सिंह की तहजीबो के शहर रामपुर में इंट्री प्रचार के अंतिम दौर में हुई है।
मौलाना अबुल कलाम थे पहले इस सीट से सांसद-
रामपुर सीट से 1952 में पहली बार मौलाना अबुल कलाम आजाद सांसद चुने गए थे विदेश के पहले शिक्षा मंत्री थे यहां से कांग्रेस को 10 बार भाजपा को 3:00 सपा को दो वह भारतीय लोक दल को एक बार सफलता मिली है लंबे समय बाद यह पहला मौका है जब नवाब परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा है इस परिवार के जुल्फिकार अली खान और मिक्की मियां यहां से 5 बार और उनकी पत्नी नूर बानो दो बार सांसद रहे हैं 2014 में उनके बेटे नवाब काजिम अली खान कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में तीसरे स्थान पर रहे थे।
रामपुर लोकसभा क्षेत्र के इन विधानसभाओं की स्थिति-
उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से एक मुख्य सीट कहे जाने वाली रामपुर लोकसभा क्षेत्र में 5 विधानसभा सीट है, इनमें से रामपुर, स्वार व चमरौवा समाजवादी पार्टी के पास है तथा बिलासपुर व मिलक से भाजपा के विधायक हैं, वहीं रामपुर से खुद आजम खां और स्वार से उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खां विधायक हैं।
वोटरों की संख्या और मतों का समीकरण-
रामपुर लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 16,68,473 है जिनमें 8,97,232 पुरुष वोटर है वही महिला वोटरों की संख्या 7,71,074 है, इस पूरे लोकसभा क्षेत्र में 1946 मतदान केंद्र हैं, रामपुर लोकसभा सीट का समीकरण भाजपा के बहुत मुफीद नहीं है, फिर भी 2014 में भाजपा के डॉक्टर नैपाल सिंह ने सपा के नसीर अहमद खां को 23000 मतों से हराया था, 1991 और 1998 में भी भाजपा इस सीट को जीत चुकी है, रामपुर में करीब 51 फ़ीसदी वोटर मुस्लिम है, भाजपा ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है, भाजपा को परंपरागत वोटों के साथ ही मुस्लिमों और दलितों में वोटों की सेंधमारी की उम्मीद है, वहीं गठबंधन को मुस्लिमों के साथ 9 फीसदी जाटव व 3 फीसदी यादव वोटरों का भरोसा है, इस बार कांग्रेस ने बिलासपुर से दो बार विधायक रहे अजय कपूर को अपना प्रत्याशी बनाया है, उन्हें कांग्रेस के परंपरागत मतों के साथ ही आजम विरोधी मुस्लिम वोटों का भरोसा है।
संसदीय सीट के आम लोगों की मिली-जुली राय-
लोकसभा क्षेत्र रामपुर के अंतर्गत सिविल लाइंस रामपुर निवासी वीर खालसा सेवा दल सेवा समिति के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह कहते हैं कि आजम खां और जयाप्रदा के बीच सीधा चुनाव है, कांग्रेस के संजय कपूर तीसरा कोण बनने और बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि आजम खान की टिप्पणियों से जयाप्रदा को महिलाओं की सहानुभूति का लाभ मिल सकता है, बिलासपुर क्षेत्र के कैमरी निवासी ट्रांसपोर्टर राजाव व जमील अहमद को आजम खां की जीत में संदेह नहीं दिखता है, बिलासपुर के साहूकारा मोहल्ले में दुकान चलाने वाले शैलेंद्र शर्मा को लगता है कि संजय कपूर को स्थानीय होने का लाभ मिलेगा वहीं शाहनवाज और पवन कुमार की राय क्रमशः आज़म खां और जयाप्रदा के पक्ष में है, पहाड़ी गेट पर रात में चाय पर चुनावी चर्चा करने में मशगूल जोहर यूनिवर्सिटी से बीकॉम करने वाले का कासिम इकबाल कहते हैं कि जयाप्रदा से टक्कर है लेकिन जीतेंगे आजम खां, रजा डिग्री कॉलेज से पीजी कर रहे मुर्तजा कहते हैं कि आजम खान का कुछ लोगों में विरोध भी है लेकिन वह रामपुर की पहचान है 9 बार के विधायक हैं उन्होंने विकास कार्य भी कराया है शाहाबाद गेट के आदिल भी उनसे इत्तेफाक जताते हैं, प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाले शिव शंभू सिंह भाजपा की पैरोकारी करते हैं वहीं बिलाफिर गेट निवासी जुनैद को लगता है कि जयाप्रदा के आने से मुकाबला रोचक हो गया है पर उन्हें आजम का पलड़ा भारी लगता है।
रिपोर्ट- राजेन्द्र सिंह

