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बलिया: पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जन्मदिवस पर हुई विचार गोष्ठी मे पूर्व मंत्री ने कहीं ये बातें


सिकन्दरपुर (बलिया) तहसील क्षेत्र के बालूपुर रोड स्थित सुबास कटरा में 17 अप्रैल दिन बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राजधारी सिंह के नेतृत्व में भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जन्मदिवस पर एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, इस दौरान गोष्ठी की शुरूआत मे क्षेत्रीय गायक बबलू सिंह बहार ने अपने लोक गीतों के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला, विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने बताया की वाणी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ही लोकतंत्र की बुनियाद है, चंद्रशेखर जी ने जीवन पर्यंत देश की हर ज्वलंत समस्याओं पर अपनी बेबाक बात को निर्भीकता से रखने का कार्य किया, उन्होंने राष्ट्रीय मुद्दों पर देश हित में जो भी महसूस किया उसे बिना फायदा नुकसान का विचार किए व्यक्त करने का कार्य किया, जेपी आंदोलन के समय कांग्रेस की शीर्ष राजनीति में रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को उन्होंने सुझाव दिया था कि जयप्रकाश नारायण का आंदोलन वर्तमान व्यवस्था की बुराइयों के विरुद्ध है, इसलिए उनसे वार्ता कर समाधान की पहल ही देश हित में होगा, इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि जब-जब सत्ता संतो से टकराई है सत्ता को मात खानी पड़ी है, प्रकाश नारायण भी संत हैं और उनका आंदोलन देश हित और समाज हित में है, जिसके परिणाम स्वरूप चंद्रशेखर ने आपातकाल में जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन सत्ता में रहकर सत्ता की मनमानी करना बर्दाश्त करना स्वीकार नहीं किया।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेना के प्रवेश पर जहां सर्वत्र स्वागत हो रहा था अकेले चंद्रशेखर द्वारा स्वर्ण मंदिर में सेना के प्रवेश का सिखों की भावना का अपमान बता कर लोगों का कोपभाजन बनना पड़ा, आज की राजनीति में चाटुकारिता एवं अवसरवादी सोच ने अपनी जड़े जमा लिया है, कार्यकर्ताओं के विचारों की अनदेखी कर नेतृत्व मनमानी करता रहा है, हर दल में आंतरिक लोकतंत्र कमजोर पड़ता जा रहा है, राजधारी ने कहा कि परिवारवादी जातिवादी एवं संप्रदायवादी सोच ने वाणी की अभिव्यक्ति को कुंठित कर दिया है, नेतागण सामूहिक नेतृत्व को कमजोर कर चापलूसों एवं निजी रिश्तों के स्वजातीय नेतृत्व को संरक्षण दे रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, युवाओं से चंद्रशेखर के विचारों एवं व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र एवं देश की आजादी को मजबूत करने की अपील की, इस अवसर पर विचार गोष्ठी को प्रमुख रूप से डॉक्टर विद्यासागर उपाध्याय, मोहनकांत राय, सुरेश सिंह, सुदामा राय, राकेश गुप्ता, प्रेमशंकर सिंह, दयाशंकर भारती, गिरिजेश मिश्र, अरविन्द राय, मुन्ना राय, भुवाल सिंह, रामायण दुबे, संजय सिंह, योगेन्द्र यादव, राजनाथ चौहान, विनय राय, इकरामुल हक, डॉ० रहीम, पिंटू यादव, संजीव कुशवाहा व दिनेश सिंह आदि लोगों ने संबोधित किया, विचार गोष्ठी की अध्यक्षता शमशाद अहमद एवं संचालन भोला सिंह ने किया।

रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

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