सिकन्दरपुर (बलिया) भाजपा के बाद सलेमपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस व बसपा ने भी अपने अपने पत्ते खोल दिए हैं, कांग्रेस ने यहां वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्र पर दाव खेला है, वहीं बसपा ने सपा-बसपा गठबंधन से आर एस कुशवाहा के नाम पर मुहर लगा दिया है, कुशवाहा राजभर बहुल इस लोकसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाता भी बड़ी तादाद में है ऐसे में राजेश मिश्र के रूप में कद्दावर नेता के इस मैदान में उतरने से रोचक मुकाबला होने के आसार जताया जा रहा हैं।
बताते चलें कि राजेश मिश्र मूल रूप से सलेमपुर के कसली गांव के निवासी हैं हालांकि काफी अरसे से वह वाराणसी में ही बसे हुए हैं, खासकर विशेष आयोजनों में ही उनका पैतृक गांव पर आना जाना होता रहा है, अब कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में वह फिर से ग्रहक्षेत्र से संपर्क में होंगे, सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के जातिगत स्थिति पर गौर करें तो यहां कुशवाहा और राजभर वोटों की बहुमत है, लंबे समय से इस सीट पर इन्हीं दोनों बिरादरी का कब्जा रहा है, वर्ष 1984 में अंतिम बार यहां से राम नगीना मिश्र के रूप में ब्राह्मण उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, इसके बाद जनेश्वर मिश्र, भोला पांडे सरीखे नेताओं ने यहां से कई बार ताल ठोका लेकिन जाति के तस्लीम को वह तोड़ नहीं पाए, इस बार के चुनाव में भी भाजपा ने अपने निवर्तमान सांसद रविंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है, वहीं बसपा ने प्रदेश अध्यक्ष व सलेमपुर लोकसभा प्रभारी आर एस कुशवाहा को गठबंधन के प्रत्याशी के रूप मे मैदान में उतारा है, ऐसे मे दो कुशवाहा उम्मीदवारों के बीच कांग्रेस से राजेश मिश्र के रूप में ब्राह्मण चेहरा के मैदान में आ जाने से चुनावी मुकाबला रोचक होने के पूर्ण आसार नजर आ रहे हैं।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

