बेल्थरारोड (बलिया) स्थानीय जीएमएएम इंटर कालेज में भारत माता की जय बोलने पर बच्चों को मुर्गा बनाये जाने के विवाद व विद्यालय में लंच के समय एक ही समुदाय के चार छात्रों को पीटे जाने के बाद मंगलवार को डीएम व एसपी विद्यालय पहुंचे। डीएम व एसपी एक घंटे तक विद्यालय में रहे तथा पूछताछ के बाद वापस बलिया रवाना हो गये। इस दौरान पत्रकारों के विद्यालय में प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी रही।
जीएमएएम विद्यालय में भारत माता की जय बोलने पर बच्चों को प्रताडि़त करने का मुद्दा सोमवार को उस समय और गहरा गया जब इस सम्बन्ध में विभिन्न चैनलों पर अपना बयान दर्ज कराने वाले चार छात्रों को लंच के समय दूसरे वर्ग के बच्चों द्वारा मारपीट कर घायल कर दिया गया। मुद्दे को गहराता देख मंगलवार को खुद डीएम भवानी सिंह खगारौत व एसपी श्रीपर्णा गांगुली विद्यालय पहुंचे तथा सम्बन्धितों से पूछताछ की। उन्होने घटना की जांच के लिए एसडीएम राधेश्याम पाठक की अध्यक्षता में तीन सदस्यी टीम गठित कर वहां से रवाना हो गये। डीएम के विद्यालय पहुंचने पर मीडियाकर्मियों को वहां जाने से रोक दिया गया। विद्यालय से कुछ दूर जाने के बाद डीएम व एसपी कुछ पल के लिए रूक गये। इस दौरान एबीवीपी के राज्य विवि प्रमुख मयंक शेखर, प्रान्त सह मंत्री राकेश गुप्ता सोनू, जिला संयोजक एबीवीपी संदीप पांडेय, विभाग संयोजक विनोद सिंह यादव, आलोक कुशवाहा, आशुतोष ने उनसे मिलकर घटना के बावत बात की तथा शनिवार को इसकी जांच करने विद्यालय पहुंचे जिविनि नरेन्द्र देव के रवैये की शिकायत की। डीएम ने इस दौरान बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यी टीम गठित कर दी गयी है। जिसमें एसडीएम के अलावा प्रभारी जिविनि निर्मला पाण्डेय व सीओ रसड़ा केपी सिंह शामिल हैं। उधर सोमवार को घटना के बाद घायल छात्रों का एसएचओ उभांव द्वारा इलाज के बाद उन्हे थाना पर ले जाकर इस सम्बन्ध में पूछताछ की गयी। छात्रों की तहरीर पर पुलिस ने 7 नामजद व ढाई दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ सम्बन्धित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमें की विवेचना सीओ रसड़ा कर रहे हैं। घटना से क्षेत्र में तनाव के मद्देनजर नगर में फोर्स तैनात कर दिया गया है।
स्थानीय विधायक ने घायल छात्रों से मिलकर जाना उनका हाल-चाल-
क्षेत्रीय विधायक धनन्जय कन्नौजिया ने मंगलवार को बिल्थरारोड पहुंचकर घटना में घायल छात्र अनुज नारायण, रजत मद्वेशिया व राजा उर्फ अभिषेक से मिलकर उनका हाल लिया। उन्होने छात्रों से कहा कि उन्हे डरने क कोई जरूरत नही है तथा उन्हे अवश्य न्याय मिलेगा। इस दौरान उन्होने उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर इस घटना के दाषियों पर कठोरतम कार्यवाही करने व भारत मात की जय न बोलने के प्रकरण में विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की बात कही।

