सिकन्दरपुर (बलिया) अपराधिक या असामाजिक तत्वों के लिए बस "महादेव" का नाम ही काफी है ये नाम सुनते ही असामाजिक तत्वों के जेहन मे करंट दौड़ जाता है और माथे की पेशानियों पर बल पड़ जाता है पर ठीक इसके उलट अच्छे, सामाजिक, लाचार व गरीबों के लिए ये "महादेव" अल्लादीन के चिराग जैसे हर जगह हर विषम परिस्थितियों मे उपलब्ध होते हैं, इनको कोई फोन भी करें तो हैलो की जगह "महादेव" शब्द का प्रयोग करते है, अगर इन्हें कोई नमस्कार या प्रणाम भी करें तो उनका जवाब होता है "महादेव" और तो और आज के समय मे ये पुलिस अधिकारी पूरे क्षेत्र मे "महादेव" के नाम से जाने जाते है, जी हांं हम बात कर रहें है बलिया जनपद मे स्थित थाना सिकन्दरपुर पर तैनात सौम्य, निष्ठावान, शिष्टाचारी व विद्वता से परिपूर्ण आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक थाना सिकन्दरपुर के प्रभारी निरीक्षक अनिलचंद्र तिवारी की।
बतातें चले की इस पुलिस अधिकारी का जन्म उत्तर प्रदेश के एक खुशहाल पंडित परिवार मे 20 जुलाई सन 1965 दिन मंगलवार को प्रयागराज (इलाहाबाद) जिले मे स्थित बामपुर गांव मे हुआ था, चार भाइयों और 2 बहनों के बीच ये पाचवें नंबर पर थे, प्रारंभिक व उच्चशिक्षा की पढ़ाई लिखाई के बाद सन 1998 मे अनिलचंद्र तिवारी ने पुलिस सेवा ज्वाइन किया, सबसे पहली पोस्टिंग एक सब इंस्पेक्टर के रूप में आगरा मे हुई, उसके बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, आजमगढ़ व बलिया आदि जगहों पर कुशल प्रशासक के रूप में कार्य करते हुए 3 अक्टुबर 2017 मे जिलें के सिकन्दरपुर थाना मे बतौर प्रभारी निरीक्षक के रूप मे चार्ज लिया, उन दिनों सिकन्दरपुर नगर हिन्दू मुस्लिम के आपसी विवाद को लेकर तनावपूर्ण स्थिति के रास्ते पर चल रहा था पर धीरे धीरे सिकन्दरपुर कस्बे को समझने के बाद इस महादेव ने असामाजिक, उपद्रवी व पेशेवर अपराधियों के लिए अपनी तीसरी आंख को खोलना चालू कर दिया देखते ही देखते हर गलत कार्यो मे संलिप्त हर तरह के अपराधियों मे धीरे-धीरे खौफ का संचार होने लगा वही दुसरी तरफ गरीब व मजलूमों को हर तरह की संभव सहायता व उचित न्याय दिलाने के लिए हमेशा संघर्षरत रहने के कारण हर समुदाय हर वर्ग इस "महादेव" के अंदर एक अच्छा और नेक दिल इंसान के रूप मे देखने लगा।
सन 2017 मे ही 30 सितंबर, 1 और 2 अक्टुबर को दो समुदायों के बीच उत्पन्न ताजिया विवाद को लेकर सिकन्दरपुर मारने मरने, जलने जलाने को तैयार था और जला भी, पर इस घटना से सीख लेतें हुए प्रभारी निरीक्षक अनिलचंद्र तिवारी ने उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए दो समुदायों के बीच अपनी सुझबुझ से खुद एक सेतू का रोल अदा करते हुए इस महादेव ने आपसी भाईचारा का निर्माण व नगर मे शांति बरकरार कराने मे महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा किया, जिसका जीता जागता उदाहरण सन 2018 मे आयोजित महावीरी झंडा, मुहरर्म व दुर्गा पूजा जैसें त्यौहार व आयोजन शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल मे आपसी सहयोग व आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न हुए।
सिकन्दरपुर थाने का चार्ज लेने के बाद से अभी तक ये लगभग 5 हजार लीटर बनाई गई देशी नाजायज शराब, 3 हजार पेटी अनुमानित कीमत 3 करोड़ की अवैध शराब जप्त कर व गलत कार्यो मे संलिप्त लगभग 100 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुके है, महादेव के नाम से मशहूर इनके थाने का सिपाही भी महादेव के कार्य प्रणाली से काफी अचंभित रहता है, महादेव प्रत्येक दिन सुबह मे लगभग 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर पूरे नगर का हालचाल लेते हैं जो क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है उनके तैनाती के बाद जितने भी हिंदू मुस्लिम त्यौहार आए सब में परिंदा भी पर नहीं मार पाया और सभी त्यौहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए, इसको लेकर पूर्व में डीआईजी आजमगढ़ द्वारा भी उनको सम्मानित किया जा चुका है, वहीं पूर्व में रहे पुलिस अधीक्षक व वर्तमान में तैनात पुलिस अधीक्षक द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।


शानदार सर जी
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