वाराणसी (ब्यूरो) - आज दिनांक १५-१०-२०१८ को ग्रा०प० मोहनसराय मे घनी बस्ती के बीच सी पी सी नामक कम्पनी द्वारा मांस,बायोमेडिकल कचरा व अन्य घातक सामग्री व अपशिष्ट जलाने से फैल रहे बीमारी व प्रदूषण को रोकने के संदर्भ में सी पी सी कम्पनी पर पहुचे क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी से तैलीय महासभा के प्रदेश उपाध्यछ शिव कुमार गुप्ता ने शिकायत कर बताया कि ग्रा० प० मोहनसराय घनी आबादी व शहरी बाहुल्य क्षेत्र है, घनी आबादी के बीच यदि किसी अपशिष्ट जैसे अस्पताल के द्वारा आपरेशन के दौरान निकाले गये मांस, बायोमेडिकल कचरा, एक्स्पायरी दवायें, प्लास्टिक व अन्य घातक सामग्री को सी पी सी कम्पनी द्वारा खुले में जलाया जा रहा है जो कि गैर कानूनी है।इससे निकलने वाले विषैले धुएं से आस पास व गांव के निवासी परेशान हैं।स्थानीय निवासियों का सांस लेना दूभर है और उन्हें लगातार आंखों में जलन का एहसास होता रहता है।यहां हर एक घर में बच्चे व बुजुर्ग श्वास के रोग, एलर्जी, चर्म रोग, खुजली यहां तक की कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे हैं।इस प्रदूषण से क्षेत्र में जल,वायु व खान पान तक बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।अगर जल्द ही इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में इसके अत्यंत घातक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।एक तरफ जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी विश्व का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है वहीं दूसरी तरफ वाराणसी मे ही इस प्रकार से खुले में खतरनाक बायोकेमिकल कूड़ा जलाना जारी है।
ग्राम प्रधान मोहनसराय के प्रतिनिधि वीरैन्द उपाध्याय व तैलीय महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता व छेत्र पंचायत सदस्य नंदू गुप्ता के नैतृत्व मे मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस कंपनी को आबादी क्षेत्र से हटाया जाये तथा खुले में इस प्रकार का बायोमेडिकल कूड़ा जलाने पर रोक लगायी जाये। इस अवसर कमलेश, गोलू सतीश गुप्ता, लाची यादव, सुधिराम, मनोज विश्वकर्मा, जयप्रकाश मौर्या, राजेश मौर्या, विनोद गुप्ता, गया गुप्ता व काफी सँख्या मे ग्रामवासी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला हाशमी

