प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सरकार को चेताया ब्यर्थ नही जाने देंगे स्वामी जी की शहादत
वाराणसी (ब्यूरो) - 12 अक्टूबर। प्रधानमंत्री आदर्श गांव नागेपुर के निवासियों ने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए लम्बे समय से आमरण अनशन पर बैठे गंगा प्रेमी स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के निधन पर मुँह पर काली पट्टी बाँधकर गहरा शोक जताया और सरकार के प्रति अपनी आक्रोश व्यक्त किया। लोक समिति द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने स्वामी सानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि गंगा प्रेमी और ग्रामवासी उनके निधन से मर्माहत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वे उनकी इस मौत के लिए सरकार कि हठवादिता को जिम्मेदार मानते है। न्यायालय के विभिन्न आदेशों के बावजूद स्वामी जी के अनशन के मामले में उत्तराखंड और केंद्र की सरकार ने उपेक्षित रवैया अपनाया। स्वामी जी का बड़ी बांध परियोंजनाओं को निरस्त करने की मांग बहुत ही जायज थी, लेकिन कार्पोरेट जगत के इशारे पर सरकारें गंगा के नाम पर जनता को केवल धोखा देती रही हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वैसे स्वामी जी का बलिदान व्यर्थ नही जाएगा। सरकार अगर जल्द गंगा पर कोई ठोस कदम नही उठाती है तो ग्रामवासी गंगा प्रेमी के साथ मिलकर जनांदोलन के लिए बाध्य होंगे।
लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए स्वामी सानंद जी की माँग जायज थी जिसपर तत्काल विचार किया जाना अति आवश्यक है लेकिन सरकार नमामि गंगे के नाम पर करोड़ो रूपये बेवजह की फूँक रही है, लेकिन स्वामी जी की मांग पर विचार नही किया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वामी जी उपवास करके सरकार से कैबिनेट में गंगा एक्ट पास करने व गंगा पर बने सभी बाँधो को तोड़ने की मांग कर रहे थे, गंगा भक्त बने राजनेताओं को उनकी ये बातें अच्छी नही लगी। नतीजन उन्हें अपना जीवन गवाना पड़ा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नन्दलाल मास्टर अमित रामबचन सोनी सरिता अनीता विद्या सीमा पंचमुखी श्यामसुन्दर मास्टर सुनील मनीष शमा वानो मनोज मधुबाला गुलाब कलावती मीरा संगीता उषा आदि लोग शामिल रहे।
वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला हाशमी

