सिकंदरपुर (बलिया) सिकंदरपुर पुलिस ने ग्राम प्रधान व राजनीतिक दबाव में बेकसूर व्यक्ति को पहले 24 घंटा थाने में रखा उसके बाद दूसरे दिन 151 में चालान कर वारंट बनाकर जिला जेल भेज दिया जिसको लेकर गांव व इलाकाई लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस का यह कहना है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति ग्राम प्रधान से बत्तमीजी किया था जबकि मामला कुछ और है ग्राम प्रधान हिरासत में लिए गए युवक की निजी जमीन में रास्ता बनाने के लिए विगत 6 माह से परेशान थे कई बार उसमे पैमाइश भी हुई लेकिन अभिलेखों में रास्ता नहीं होने के कारण राजस्व विभाग पीछे हट जा रहा था आखिरकार प्रधान जब रास्ता नहीं बना पाए और दूसरा पक्ष अपने जमीन में गुरुवार को निर्माण कार्य कर रहा था तो दर्जनों लोगों के साथ ग्राम प्रधान पहले मौके पर पहुंच पहले तो काम रुकवा दिए और पुलिस को सूचना देकर पहुंच के बल पर युवक को थाने पर बैठवा दिया और दूसरे दिन जेल भेजवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। मिली जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के नरहनी गांव निवासी शेषनाथ पाण्डेय की जमीन में वहां के ग्राम प्रधान कन्हैया वर्मा जबरजस्ती रास्ता बनवाना चाहते थे जिसका दूसरे पक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा था यह मामला जब राजस्व विभाग के पास पहुंचा तो राजस्व विभाग अभिलेखों की जांच किया जिसमें अभिलेखों में 3 कड़ी चकनाली के नाम से दर्ज था राजस्व विभाग के बताने पर भी ग्राम प्रधान रास्ता बनाने के लिए अडिग थे जब दूसरा पक्ष नहीं माना तो वह अपने पहुंच के बल पर दूसरे पक्ष को परेशान करने लगे आखिरकार गुरुवार को जब शेषनाथ पांडे अपनी जमीन में नीव खोदवा रहे थे तभी ग्राम प्रधान कन्हैया वर्मा अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचकर गाली गलौज भी किया वहीं पुलिस से मिलकर झूठे आरोप में शेषनाथ पाण्डेय के परिवार के युवक मंगल पाण्डेय पुत्र रामाश्रय पांडेय को फंसा कर जेल तक भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। सूत्रों की मानें तो पुलिस से लेकर राजनीतिक लोगों ने इस काम में ग्राम प्रधान की जमकर मदद किया जिसको लेकर इलाकाई व गांव के लोगों में भारी आक्रोश है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर विजय प्रताप यादव ने बताया कि ग्राम प्रधान के साथ युवक द्वारा विवाद कहासुनी हुई थी रास्ते के विवाद की जानकारी नहीं है अगर मामले रास्ते के विवाद को लेकर है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

