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मृतक आश्रित शि० कर्मचारी संघ का सम्पन्न हुआ लखनऊ सम्मेलन, पदोन्नति पर सरकार के इस पहल की हुई प्रशंसा


बलिया (ब्यूरों) उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी सम्मेलन प्रेक्षाग्रह, कृषि निदेशालय, लखनऊ में सम्पन्न हुआ, जिसमें जनपद बलिया के जिला पदाधिकारी भी शामिल हुए, रविवार को अपने जनपद पहुँचे संगठन के जिलाध्यक्ष मुकेश उपाध्याय ने "खबरें आजतक Live" बेव मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि सम्मेलन में ये बताया गया कि मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को निस्तारित कराने में जिला पदाधिकारियों को तत्परता से कार्य करने की जरूरत है। किसी प्रकार की दिक्कत आये हो तो तुरन्त प्रदेश पदाधिकारियों को सूचित किया जाए। लखनऊ सम्मेलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद ने जिला पदाधिकारियों से संगठन को मजबूती देने के लिए सदस्यता अभियान अक्टूबर में पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाध्यक्ष मुकेश उपाध्याय ने  कहा कि सम्मेलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परियोजना निदेशालय द्वारा उच्च योग्यताधारी व कम्प्यूटर की डिग्री रखने वाले मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के योग्यतानुसार कार्य लेने के लिए आदेश जारी हो गया है। 9 सितम्बर को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में एक आधिकारिक बैठक उच्चाधिकारियों तथा संगठन के पदाधिकारियों एवम राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री जी के साथ संपन्न हुई थी।बैठक के बाद सभी उच्च योग्यताधारियों को नियुक्ति के समय बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हुई गलतियों को स्वीकार करते हुए उनके उच्चीकरण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है ।इसके लिए प्रदेश के समस्त जनपदों से मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सूचना मांगी गई है जिसकी कार्यवृति भी शासन द्वारा जारी हो चुकी है । शीघ्र ही प्रस्ताव शासन से मंजूरी के लिए जाएगा ।बेसिक शिक्षा में मृतक आश्रित नियुक्ति के लिए प्रयोग किये जाने वाले त्रुटिपूर्ण 4 सितम्बर 2000 के आदेश को एक माह में पुनः निरीक्षण के लिए कहा गया है।। इसके बाद मृतक आश्रितों को उच्च योग्यता का लाभ मिलेगा। प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार एवं प्रदेश सचिव पंकज बाजपेई ने कहा कि अब बीएड टीईटी वाले शिक्षक बन सकते है । तो वही नियुक्त मृतक आश्रित बीएड टीईटी योग्यताधारी कर्मचारियों को यदि शासन से मंजूरी मिल जाती है तो वो भी जल्द ही शिक्षक बन सकेंगे। प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री हर्षित अरोरा ने बताया कि कार्यवृति के अनुसार बनने वाले प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल जाती है तो इंटर व कम्प्यूटर की डिग्री रखने वाले पद रिक्त न होने के बावजूद भी अधिसंख्य संख्या में परिचारक के जगह पर लिपिक बनेंगे । वही नियुक्त ऐसे योग्यताधारी को उच्चीकृत किया जाएगा। सम्मेलन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एस पी तिवारी एवम महामंत्री आर के निगम भी शामिल हुए। जानकारी के बाद पूरे प्रदेश के मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। सम्मेलन में राज्य सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा मृतक आश्रित उच्च योग्यताधारी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक पहल की प्रशंसा भी की गई।जिलाध्यक्ष मुकेश उपाध्याय ने बताया कि जनपद के सभी मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी, प्रदेश पदाधिकारियों को हमेशा हर प्रकार के सहयोग के लिए संकल्प लिया है।
रिपोर्ट- डॉ ए० के० पाण्डेय

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