बलिया (ब्यूरो) अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य एवं श्रीराम विहार कालोनी (मूलतः नगवा गाँव के रहने वाले) बलिया के निवासी डा० गणेश कुमार पाठक का कहना है कि बलिया के बदलते राजनैतिक परिवेश में हमें अपना मतदान भी सोच- समझ कर करना चाहिए। बदलते मौसम की तरह ही बलिया के सियासी पारा में भी उतार- चढ़ाव आ रहा है और यहाँ की राजनीति न केवल पार्टी स्तर पर बल्कि जाति स्तर पर भी हलचल मचा रही है। जिस दाँव- पेंच के साथ बलिया लोकसभा क्षेत्र में सियासी दलों द्वारा टिकट का बँटवारा हुआ है , उसको लेकर घमासान तो होना स्वाभाविक है।
यदि राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा के संसदीय सीट को देखा जाय तो इस बलिया लोकसभा क्षेत्र से अधिकतर क्षत्रिय बिरादरी के सदस्य ही जीतकर लोकसभा में गये हैं। माननीय चन्द्रशेखर जी एक विश्व स्तर के राजनैतिक सख्सियत थे, जिनकी अपनी अलग पहचान थी। उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति में बलिया अपनी कोई विशेष पहचान नहीं बना पाया। कोई भी जीतकर संसद में चला जाये ये अलग बात है, किन्तु कोई चन्द्रशेखर नहीं बन सका , बल्कि उसके नजदीक तक भी नहीं पहुँच सका तो भला बलिया को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति में पहचान कैसे मिल सकती है। इस बार के चुनाव में किस पार्टी ने कौन सी चाल चली है इससे सम आप सभी परिचित हैं।
उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में हमारे बलिया संसदीय क्षेत्र से जो उम्मीदवार जिस पार्टी से भाग्य आजमा रहे हैं, उस पर हमें ध्यान देना आवश्यक है कि हम किसे अपना मत देकर संसद में भेजें। जहां तक मेरा मानना है कि वर्तमान समय में देश में जो माहौल चल रहा है, उसको देखते हुए हमें केवल अपने संसदीय क्षेत्र के बारे में न सोचते हुए देश का आन, बान, सम्मान की रक्षा करने वाले, देशहित एवं समग्र विकास की दिशा को सुनिश्चित करनेवाले, रोजगार को बढ़ावा देने वाले,देश की आधी आबादी अर्थात् नारी जगत को सम्मान एवं सुरक्षा प्रदान करने वाले तथा देश से अराजकता और भ्रष्टाचार मिटाकर देश में भयमुक्त समाज की स्थापना करने वाले सरकार के गठन हेतु अपना मतदान करना होगा। इसके लिए हमें क्षेत्रियता एवं जातियता से ऊपर उठकर अपना मतदान करना होगा। अगर हम ऐसा कर सके तो ऐसी सरकार के गठन में अपना सहयोग करने वाला बलिया का नव नियुक्त सांसद निश्चित ही बलिया के भी आन , बान एवं सम्मान की रक्षा करते हुए बलिया का विकास करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बलिया की पहचान बना सकने में सफल होगा।
रिपोर्ट- दीपक ओझा

