वाराणसी (ब्यूरो) जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने विकास भवन में गुरुवार को जिला स्वच्छता समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक योजना नही, बल्कि यह एक सामाजिक अभियान है। स्वच्छता की शुरुआत प्रधानमंत्री जी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र से की गई और पूरे देश में एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।इसके बिना आर्थिक और सामाजिक रूप से हम विकास नहीं कर सकते।
जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने कहॉ कि इस अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण करा के जनपद को खुले में शौच से मुक्त कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने चिरईगांव के युथाकला, धराधर तथा धोबही ग्राम के पूर्व तीनों प्रधान के 100 शौचालयों के निर्माण का पैसा गबन करने की जानकारी पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होने विशेष रूप से जोर देते हुए कहॉ कि शौचालय का निर्माण गुणवत्ता तथा डिजाइन के अनुसार ही कराया जाए। अगर प्रधान और सचिव के द्वारा कोई गड़बड़ी की जाती है तो नोडल अधिकारी उसे जांच स्वयं करें अन्यथा वे ही जिम्मेदार होंगे। शौचालयों के निरीक्षण के दौरान कायाकल्प, वृक्षारोपण तथा स्कूलों की स्थिति भी जांच लें। लश्करपुर गांव के शौचालयों की खराब गुणवत्ता की जानकारी पर उसे तोड़ कर दुबारा बनाने का निर्देश दियाा।
जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने जेम पोर्टल के द्वारा सरकारी कार्यालयों में सामग्रियों को क्रय करने सम्बन्धी बैठक कर एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यालय प्रमुखों द्वारा अब तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न कराये जाने पर नाराजगी जताती। उन्होंने अंतिम मौका देते हुए कहा कि आज ही सभी विभागों के द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इस अवसर पर रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताती गयी तथा लोगों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। आगे से कार्यालय समग्रियों की खरीद पोर्टल के माध्यम से ही की जायेगी।
रिपोर्ट- वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला हाशमी

