भाजपा नेता गणेश सोनी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग पहुंचे तहसील मुख्यालय, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की दीं चेतावनी, उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग
![]() |
| खबरें आजतक Live |
उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव को सौंपा ज्ञापन
सिकन्दरपुर (बलिया)। सिकन्दरपुर तहसील क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। विद्युत उपकेंद्र सिकन्दरपुर से जुड़ी समस्याओं को लेकर 21 सितंबर दिन सोमवार को भाजपा नेता एवं पूर्व नगर चेयरमैन प्रत्याशी गणेश प्रसाद सोनी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग तहसील मुख्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत आपूर्ति में सुधार, अधिकारियों की नियमित उपलब्धता और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग उठाई।
नियमित नहीं बैठते जेई व एसडीओ
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विद्युत उपकेंद्र सिकन्दरपुर पर जेई और एसडीओ नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते, जिसके कारण अपनी बिजली संबंधी विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि बिजली बिल, आपूर्ति, फॉल्ट, लाइन और अन्य समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं को जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विद्युत उपकेंद्र उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान का प्रमुख केंद्र है, तो वहां जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध क्यों नहीं रहते?
नगर को 24 व देहात को 16-18 घंटे बिजली की मांग
ज्ञापन में नगर पंचायत सिकन्दरपुर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग की गई है। वहीं देहात क्षेत्र में 16 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिजली आज आम लोगों की मूलभूत जरूरत बन चुकी है। ऐसे में अनियमित आपूर्ति का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, किसानों और विद्यार्थियों पर भी पड़ता है।
स्थायी एसडीओ और 24 घंटे फॉल्ट रिस्पांस की मांग
ज्ञापन में सिकन्दरपुर के लिए स्थायी एसडीओ की नियुक्ति की मांग भी की गई है। इसके अलावा जेई द्वारा 24 घंटे फॉल्ट रिस्पांस की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी गई है, ताकि बिजली आपूर्ति में खराबी आने पर उपभोक्ताओं को लंबे समय तक अंधेरे में न रहना पड़े। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिन लाइनमैनों का स्थानांतरण हो चुका है, उनके स्थान पर नए लाइनमैनों को कार्यभार दिया जाए, जिससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो।
बिजली बिल को लेकर भी उठी शिकायत
प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिलों में कथित विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। मांग-पत्र में कहा गया है कि उपभोक्ताओं को सही तरीके से वास्तविक बिजली बिल भेजा जाए। ज्ञापन में ऐसे मामलों की जांच कर वास्तविक खपत के आधार पर बिल भेजने की मांग की गई है।
5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि विद्युत आपूर्ति और विभागीय समस्याओं से जुड़ी मांगों को एक सप्ताह के भीतर पूरा नहीं किया गया, तो 5 अक्टूबर 2026 से सिकन्दरपुर पावर हाउस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होने की बात कही गई है। इस चेतावनी के बाद अब विद्युत विभाग और प्रशासन के सामने चुनौती है कि आंदोलन की स्थिति बनने से पहले संबंधित समस्याओं पर क्या कार्रवाई की जाती है।
अब बिजली विभाग से जवाब मांग रहा सिकन्दरपुर
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो विद्युत उपकेंद्र पर जेई और एसडीओ की नियमित उपलब्धता क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही? फॉल्ट की शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं है? और बिजली बिलों को लेकर उठ रही शिकायतों का स्थायी समाधान कब होगा? गणेश सोनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के बाद अब निगाह प्रशासन और विद्युत विभाग की अगली कार्रवाई पर है। यदि एक सप्ताह के भीतर कोई ठोस पहल नहीं होती है तो मांग-पत्र में घोषित 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना इस मुद्दे को और बड़ा रूप दे सकता है।
आम आदमी की बुनियादी जरूरत हैं बिजली
बिजली सिर्फ सुविधा नहीं, आज आम आदमी की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में सिकन्दरपुर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान कागजों पर होता है या वास्तव में बिजली व्यवस्था जमीन पर सुधरती हैं। अब यही सबसे बड़ा सवाल है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा नेता गणेश प्रसाद सोनी, भोला सिंह, रंजीत राय, सौरभ कुमार राजभर, पूर्व जिला उपाध्यक्ष रवि राय, मंजीत पाण्डेय, दुर्गादास समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

