गंगोत्री देवी इंटर कॉलेज में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, माखन चोर की शरारतों ने जीता सबका दिल, राधा कृष्ण की मनमोहक झांकी से लेकर माखन चोरी और दही हांडी तक कान्हा की लीलाओं से भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर
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श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम
सिकन्दरपुर (बलिया)। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले गंगोत्री देवी इंटर कॉलेज, सिकन्दरपुर में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे राधा-कृष्ण और अन्य पात्रों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का ऐसा जीवंत मंचन किया कि पूरा विद्यालय परिसर मानो मथुरा-वृंदावन की भक्ति में रंग गया।
राधा-कृष्ण की झांकी ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। नन्हे बच्चों का मनमोहक श्रृंगार और उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं बाल लीलाओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। उनकी प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अतिथि भाव-विभोर नजर आए।
➡️ गंगोत्री कॉलेज में माखन चुराते पकड़े गए कान्हा गोपियां पहुंचीं यशोदा मैया के दरबार
— खबरें आजतक Live - Khabre Aajtak Live (@khabreaajtakliv) September 4, 2026
➡️ माखन चुराकर भागे कान्हा, गोपियों ने यशोदा से कर दी शिकायत!
➡️ गंगोत्री में नन्हे कान्हा की शरारतों ने लूटी महफिल
➡️ कहीं माखन चोरी, कहीं दही हांडी… गंगोत्री कॉलेज में छाया कान्हा का रंग pic.twitter.com/de0OYm1sBj
यशोदा मैया के पास पहुंचीं गोपियां
कार्यक्रम का सबसे मनोरंजक दृश्य माखन चोरी की लीला रही। कान्हा द्वारा माखन चुराने और उसके बाद गोपियों द्वारा मां यशोदा से उनकी शिकायत करने का दृश्य बच्चों ने बेहद आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। नटखट कान्हा की शरारतों और गोपियों की शिकायत ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। इसके बाद मां यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को ओखली से बांधने की लीला ने भी खूब तालियां बटोरीं।
नाग के फन पर नाचे कान्हा
बच्चों ने कालिया नाग के मस्तक पर श्रीकृष्ण के नृत्य की प्रस्तुति भी दी। इस दृश्य को देखकर पूरा वातावरण तालियों से गूंज उठा। इसी क्रम में श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाने की लीला ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं वासुदेव द्वारा बाल श्रीकृष्ण को यमुना नदी पार कराकर गोकुल पहुंचाने के प्रसंग को भी बच्चों ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
डांडिया व दही हांडी ने बढ़ाया उत्साह
जन्माष्टमी समारोह में धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ डांडिया नृत्य ने भी खूब रंग जमाया। बच्चों ने उत्साह और उमंग के साथ नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और जीवंत बना दिया। इसके अलावा बच्चों ने दही हांडी कार्यक्रम का भी जमकर आनंद लिया। दही हांडी को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर तालियों एवं जयकारों से गूंजता रहा।
जयकारों से गूंजा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम के दौरान जब “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे सुमधुर भजनों की धुन गूंजी तो विद्यालय परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कुछ समय के लिए विद्यालय परिसर मथुरा और वृंदावन धाम में परिवर्तित हो गया हो।
कर्म ही जीवन का मुख्य आधार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रबंधक डॉ. नरेंद्र प्रसाद गुप्त ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्तव्य, कर्म, सत्य और आदर्श का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमें बिना किसी स्वार्थ और फल की चिंता किए ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने और अपने कर्म के प्रति पूरी निष्ठा रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि सच्ची सफलता केवल उपलब्धियां हासिल करने में नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के साथ जीवन जीने में है।
बच्चों ने कार्यक्रम को बनाया यादगार
जन्माष्टमी समारोह में विद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं की भी सहभागिता रही। बच्चों की प्रस्तुतियों को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों के चेहरे पर उत्साह, उमंग और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हे राधा-कृष्ण विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
प्रधानाचार्य ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। समारोह का समापन हर्षोल्लास और श्रीकृष्ण के जयघोष के बीच हुआ। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, संस्कृति, मनोरंजन और संस्कार का अनूठा संगम देखने को मिला।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

