"15 फरवरी तक आ जाएगा नोटिफिकेशन, 15 मार्च से 30 मार्च के बीच सम्पन्न होगा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव"
![]() |
| खबरें आजतक Live |
पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी? वर्तमान में क्या स्थिति है, उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी। पंचायत चुनाव में बीजेपी को फायदा मिलेगा इसका क्या आधार है? के सवाल के जवाब में भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि पंचायती राज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ढाई करोड़ से अधिक शौचालय बनवाए गये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय भी बनवाए गए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 80,000 से अधिक प्राइमरी स्कूलों का कायाकल्प हुआ है। सरकार के काम का फायदा पंचायत चुनाव में जरूर मिलेगा। विपक्ष के दावों पर मंत्री का जवाब था कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार होता है। विपक्ष भी चुनाव लड़े लेकिन काम करने का फायदा बीजेपी को ही मिलेगा। नोटिफिकेशन आने से पहले ग्राम प्रधानों के नाम लगे बोर्ड को पुतवाने का काम भी जिला पंचायत राज विभाग की तरफ से किया जाएगा। इसको लेकर डीपीआरओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जनपद में जहां पर भी प्रधानों के नाम के बोर्ड लगे हैं, उन पर से प्रधानों के नाम को पुतवाया जाए। गौरतलब है कि ग्राम प्रधानों का बस्ता 25 दिसंबर को ही जमा हो चुका है।
रिपोर्ट- लखनऊ डेस्क


