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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर निर्माण समारोह को कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और अन्य महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों के साथ मनाया जाना था, लेकिन कोविड-19 के प्रसार के बाद इस सूची में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ- साथ कुछ मंत्रियों और क्षेत्र के सांसदों के शामिल होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि शिलान्यास का कार्यक्रम सिंह द्वार पर किया गया है, जो कि उचित समारोह नहीं था। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए गर्भगृह में भूमि पूजन किया जाएगा। यह मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत है, जिसके लिए निमंत्रण भेजे गए हैं। भगवान राम की जन्मभूमि पर एक भव्य राम मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी के लिए एक मुद्दा बन गया है, क्योंकि यह दो दशकों से पार्टी के घोषणापत्र में है। रामजन्मभूमि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने पिछले साल 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किया था।
रिपोर्ट- अयोध्या डेस्क

