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भारतीय गणतंत्र में सामाजिक-आर्थिक असमानता को दूर करना परम् लक्ष्य होना चाहिए- डा० गणेश पाठक


सहतवार (बलिया) कृष्णा पब्लिक हाईस्कूल सहतवार, बलिया में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर 'प्रतिभा सम्मान समारोह' कार्यक्रम अत्यन्त धूम- धाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य पर्यावरणविद् डा० गणेश कुमार पाठक रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि डा० ऋषिकेश पाण्डेय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय स्टेट बैंक शाखा रसड़ा के प्रबंधक लल्लन पाण्डेय ने किया । कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर अतिथियों, विद्यालय के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सभी वर्ग के छात्र- छात्राओं द्वारा देश भक्ति एवं गणतंत्र दिवस से संबंधित विविध पक्षों पर विविध प्रकार के गीतों, नृत्यों, प्रहसन, नाटकों एवं भाषणों की भावपूर्ण एवं तथ्यपूर्ण प्रस्तुति कर दर्शकों की वाहवाही लूटी गयी। छात्र- छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गयी सभी प्रस्तुतियां अति सराहनीय रहीं। इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभावान छात्र- छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए डा० ऋषिकेश तिवारी ने कहा कि समय के साथ - साथ भारतीय गणतंत्र की दशा एवं दिशा भी बदलती रही है । उन्होंने भारतीय गणतंत्र के निर्माण से लेकर संविधान के निर्माण सहित विविध पक्षों पर अपने विचार रखा।
बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा० गणेश कुमार पाठक ने कहा कि यद्यपि कि भारतीय गणतंत्र की स्थापना के बाद से आजतक देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ है और भारत के विकास में कालक्रम के परिप्रेक्ष्य में सभी सरकारों ने विकास को प्रत्येक दृष्ट से आगे बढ़ाया है , फिर भी भारत समग्र विकास से अछूता रहा है। हम स्वतंत्र होने के साथ- साथ स्वछंद भी हो गये हैं और यह स्वछंदता विकास में बाधक हो रही है। हमारा देश सामाजिक असमानता, आर्थिक असमानता, लैंगिक असमानता एवं राजनैतिक असमानता की तरफ अग्रसर हुआ है और जब तक समाज में यह असमानता बरकरार रहेगी, तब तक देश वास्तव में विकास के समग्र लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता।
डा० पाठक ने कहाकि आज हमारा देश पश्चिमी सभ्यता एवं संस्कृति के रंग में अपने को साराबोर कर दिया है, जिसका दुष्प्रभाव हमारी सभ्यता एवं सस्कृति पर भी पड़ा है और उसमें विद्रूपता आती जा रही है। समारा नैतिक एवं चारित्रिक स्तर गिरता जा रहा है, जिससे समाज में अनेक बुराईयाँ जन्म ले रही हैं, जो हमारे विकास में बाधक सिद्ध हो रहा है। हमें इन बुराईयों को रोकना होगा और अपने नैतिक एवं चारित्रिक स्तर को ऊँचा उठाते हुए सभ्यता एवं संस्कृति में हो रहे विकृतियों को भी रोकना होगा और हमें पुनः विश्व गुरू बनना होगा।
डा० पाठक ने विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप ही इस देश के कर्णधार हैं। आपमें से ही कोई अधिकारी बनेगा, कोई देश का प्रहरी बनेगा, कोई राजनेता बनेगा और कोई कृषक बनकर देश की अर्थव्यवस्था की डोर सम्भालेगा, इसलिए आप बच्चों पर ही देश का भविष्य है और इस भविष्य को आप योग्य बनकर ही विकास की नयी दिशा दे सकते हैं।
 समारोह को लल्लन पाण्डेय, विद्यालय के प्रबंधक अनिल पाण्डेय, प्रधानाचार्य आशीष कुमार पाण्डेय, शिक्षकगण एवं अभिभावकों ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम के संचालन का कार्य विद्यालय के भैया- बहनों ने बड़ी ही दक्षता के साथ किया। समारोह के अंत में प्रधानाचार्य आशीष कुमार पाण्डेय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।

रिपोर्ट- संवाददाता डॉ ए० के० पाण्डेय

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