सिकन्दरपुर (बलिया) नागरिकता संशोधन बिल व एनआरसी के विरोध मे पूरे देश मे चल रहे विरोध व हिंसात्मक प्रदर्शन के मद्देनज़र पूरे उत्तर प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा गया हैं, इसी बीच शांतिपूर्ण व्यवस्था को बरकरार बनाये रखने के द्रष्टिगत जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही व पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र नाथ शनिवार को स्थानीय पुलिस चौकी प्रांगण मे पहुंच कर जमीनी हकीकत से रूबरू हुए, इस दौरान बैठक मे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संबधित अधिकारियों से नागरिकता संशोधन बिल व एनआरसी पर हो रहें हिंसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र समूचे क्षेत्र मे पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर नगर के अलग अलग हिस्सों मे भी ताजा हालातों का जायजा लिया।
इस दौरान जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बैठक को संयुक्त रूप से सभी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान ना दें और ना ही किसी अफवाह का हिस्सा बने नगर में शांति व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस और आम जनता की मुख्य जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी हम सभी को मिलकर निभानी होगी।
आगे कहा कि क्षेत्र मे किसी भी तरह की अराजकता फैलाने वाले किसी भी अराजक तत्वों को किसी भी हाल मे बख्शा नहीं जाएगा, कोई भी अराजक तत्व अराजकता फैलाकर किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो नुकसान करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और उसके जायदाद की कुर्की कर सरकारी संपत्ती के हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी।
बैठक के उपरांत उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व मे भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च किया, पुलिस चौकी से शुरू होकर यह फ्लैग मार्च जल्पा चौक, उर्दू मार्केट, पुराना डाकखाना, चांदनी चौक, दरगाह, डोमनपुरा, मदरसा, भीखपूरा मोहल्ला व बाजार चौक होते हुए पुलिस चौकी पर आकर समाप्त हो गया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, क्षेत्राधिकारी पवन कुमार, प्रभारी निरीक्षक बालमुकुंद मिश्रा, चौकी प्रभारी अमरजीत यादव समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहें।
सदर दरगाह ने अधिकारियों को सौपा सहयोग पत्र-
फ्लैग मार्च के दौरान डॉ सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली सदर दरगाह शाह वली कादरी ने उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी को अपने समुदाय की तरफ से एक सहयोग पत्र देकर समूचे नगर मे शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने हेतू प्रशासन को हर संभव सहायता देने के लिये आश्वस्त किया, इस दौरान नगर के भीष्म यादव, बबलू मास्टर, फैजी अंसारी, राजा अंसारी व खुर्शीद आलम आदि लोग मौजूद रहें।

