रतसर (बलिया) किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय रक्सा मे बीएड सत्र 2017- 19 चतुर्थ सेमेस्टर के पंच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन मंगलवार को हुआ। शिविर समापन दिवस के शुभारंभ में विभागाध्यक्ष विकास सिंह के द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया गया तथा सीमा सिंह व चांदनी तिवारी द्वारा भक्तिमय सरस्वती बंदना की प्रस्तुति से वातावरण भक्ति योगमय हो गया। वहीं सीमा चांदनी व आरती ने अतिथियों के स्वागत गीत हे अतिथि जी स्वागतम है -----से अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया, तथा दिलीप बर्मा गुरु वंदना गुरुदेव आप मेरे----- गुरु के चरणों में अर्पित किया ।वही छात्रा प्रेम लता चौहन पंच दिवसीय योग शिविर पर ब्यख्यान मे बताया की शिविर के प्रारंभ मे जोड़ो तथा मांस पेशियों मे थोड़ा दर्द महसूस हुआ किन्तु अब कही किसी प्रकार की कोई परेशानी नही है। अपितु पहले से शरीर बहुत ही हल्का,शान्तिमय व स्फूर्ति महसूस कर रही हूं।
तत्पश्चात बी एड चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दे रहे संजय सर के निर्देशन पर सोलह प्रकार के आसनों व योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन भी छात्र छात्राओं ने किया।इस अवसर पर संजय सर ने विभागाध्यक्ष विकास सर द्वारा पंच दिवसीय योग शिविर में प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए। अपने ब्यख्यान में कहा कि योगा ही एक ऐसा साधन है, जिसमें मानव का संपूर्ण विकास निहित है। आज के युवा वर्ग बच्चों एवं वृद्ध सभी को योग करने की आवश्यकता है और असंतुलित शरीर को संतुलित करने के लिए योग का अभ्यास बहुत ही महत्वपूर्ण है । विभागाध्यक्ष विकास सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि योग व्यक्ति के निर्माण और उत्थान में ही नहीं बल्कि परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व के चौमुखी विकास में भी उपयोगी है। आधुनिक मानव समाज जिस तनाव, अशांति, आतंकवाद, अभाव एवं अज्ञान का शिकार है, उसका समाधान केवल योग के पास है, योग मनुष्य को सकारात्मक चिंतन के प्रशस्ति पथ पर लाने की एक अद्भुत विद्या है। योग का प्रकाश अपने जीवन तक सीमित ना रहे बल्कि समाज के हर व्यक्ति तक इसका प्रकाश पहुंचाने के प्रयास को सफल करने की आवश्यकता है । कार्यक्रम का संचालन विशाल कुमार गौतम ने किया समापन कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष विकास सिंह, संजय सर , राजू सिंह के साथ वर्षा सिंह, इशरत जहां, प्रियंका, समीर, वेद प्रकाश समेत बी एड चतुर्थ सेमेस्टर के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- बलिया ब्यूरो लोकेश्वर पाण्डेय


