खेजुरी (बलिया) राजकीय प्राथमिक पशु चिकित्सालय खेजुरी रख रखाव के अभाव में चिकित्सकों के न रहने के कारण इस समय मात्र शोपीस बनकर रह गया है, स्थानीय पशु पालकों में इस अस्पताल के बीमार रहने पर बहुत चिंता व्यक्त की गई है, प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक चिकित्सालय खेजुरी वर्ष 2000 में उस समय अनुमानित लागत 20 लाख में आधा अधूरा बनकर तैयार हुआ वर्तमान भवन परिसर में ना तो डॉक्टरों को रहने के लिए कोई आवास है और नहीं चिकित्सा करने के लिए कोई ऐसी सुविधा जिससे चिकित्सक अपने सेवा को पूरी क्षमता के अनुसार जनता को उपलब्ध करा सके, इस अस्पताल पर अस्थाई चिकित्सक डॉ एस पी सिंह नियुक्त है, जिनके द्वारा सप्ताह में मात्र 2 दिन अस्पताल पर अपनी हाजिरी लगाई जाती है, फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल चलता है एवं अस्पताल में सीमन को सुरक्षित करने के लिए कोई भी फ्रिज की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है इसके अलावा मात्र सरकारी कामों को पूरा करने के लिए अस्पताल पर चिकित्सक आते हैं, स्थानीय पशुपालक अभिमन्यु सिंह ने बताया कि अस्पताल पर पशुओं में होने वाली छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी यहां पर दवाएं प्राप्त नहीं होती है, इसके अलावा अस्पताल में सीमन की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे पशुओं को गर्भाधान कराया जा सके, पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल की समस्याओं के समाधान के लिए शासन के ऊपर यह सतत प्रयास जारी है लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है।
रिपोर्ट- पीएमए

