लखनऊ (ब्यूरो) उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए निजी और सरकारी मिलों को 1100 सौ करोड़ रुपए जारी किए हैं, राज्य में मौजूदा पेराई सत्र में गन्ना किसानों का बकाया 10 हजार करोड रुपए से ऊपर पहुंच चुका है और यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा भी है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होना है।
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 24 सरकारी मिलों के लिए 500 करोड रुपए जारी किए हैं जबकि उत्तर प्रदेश बिजली निगम लिमिटेड को निजी मिलों को 600 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा गया है, इस तरह से योगी सरकार ने इस पेराई सत्र में 10 फ़ीसदी बकाया कम कर दिया है, राज्य में सात चरणों में मतदान होना है और राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में मतदान से पहले वहां के गन्ना किसानों के बकाए का अधिकतम भुगतान करना चाहती है, उसका दावा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उसने गन्ना किसानों को 60 हजार करोड़ से अधिक बकाया रकम का भुगतान कराया है, रविवार को सहारनपुर जिले के देवबंद में महागठबंधन की पहली जनसभा में बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने गन्ना किसानों के बकाए पर योगी सरकार की जमकर आलोचना की उन्होंने कहा कि राज्य में जब उनकी सरकार थी तो किसानों का भुगतान तुरंत हो जाता था और इसमें चूक करने वाले मिल मालिकों को जेल की हवा भी खानी पड़ती थी, महागठबंधन में शामिल सपा के प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह ने भी गन्ना किसानों के बकाए का मुद्दा उठाया उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने समय पर भुगतान का वादा किया था लेकिन वह इस पर खरी नहीं उतरी।
रिपोर्ट- बी.एस

