सिकन्दरपुर (बलिया) प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र की स्थापना इस उद्देश्य से जगह-जगह पर की गई थी कि आमजनों को सस्ते दर पर दवाएं उपलब्ध हो सके, इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्त रूप देने के बजाए स्थानीय चिकित्सक इस योजना की धज्जियां उड़ाने मे लगे हुए हैं तथा इस योजना को बंद कराने की पुरजोर कोशिश मे हैं, असलियत का जायजा लेने हेतु पत्रकारों का एक दल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को पहुंचा अस्पताल परिसर में एक घंटे रह कर छानबीन करने पर जो जानकारी मिली उसके मुताबिक अस्पताल में तैनात चिकित्सक प्रतिदिन जन औषधि केंद्र की दवा लिखने के बजाय बाजार की दवा स्वलाभ के चक्कर में लिखते हैं, यही कारण है कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र से मरीज दवा क्रय करने के बजाय अस्पताल परिसर के बाहर स्थित प्राइवेट दुकानों से दवा की खरीदारी करते दिखे, बाहर की दुकानों पर भीड़ लगी थी वहीं जन औषधि केंद्र पर सन्नाटा छाया हुआ था, पूरी स्थिति को देखने के बाद स्थानीय चिकित्सकों मे प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं को मूर्त रूप देने के प्रति सत्य निष्ठा संदिग्ध दिखा, अस्पताल परिसर में दलालों का जमावड़ा लगा रहता हैं, अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज विद्यावती देवी और वन्दना कहती है कि इस अस्पताल में दवां रहते हुए भी यहां के डॉक्टर प्राइवेट दुकानों से दवा लाने हेतु मरीजों को कहते हैं।
रिपोर्ट- पीएमए

