Left Post

Type Here to Get Search Results !

बलिया लोकसभा: सपा-बसपा गठबंधन द्वारा ब्राह्मण कार्ड खेलने के बाद लड़ाई हुई और रोमांचक


बलिया (ब्यूरो) बलिया लोकसभा संसदीय सीट 72 से गठबंधन के प्रत्याशी को लेकर लम्बे समय से चला आ रहा सस्पेंस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है । अपने हिस्से की इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने पूर्व विधायक सनातन पाण्डेय को अपना उम्मीदवार घोषित किया है ।वे 29 अप्रैल को अर्थात आज अपना अपना पर्चा दाखिल करेंगे ।बताते चले कि सपा,बसपा व आर एल डी गठबंधन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण सीट थी जिसपर काफी विचार -मंथन के बाद प्रत्याशी घोषित किया गया है ।सपा के खाते में आई इस सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व०चंद्रशेखर जी के पुत्र नीरज शेखर प्रबल दावेदार थे ।अंत मे सपा ने अपना दाव ब्राह्मण प्रत्याशी चुनकर किया है ।ब्राह्मण प्रत्याशी खड़ा होने से कांटे की टक्कर होने की संभावना है ।सनातन पाण्डेय वर्ष 2007 में सपा के टिकट पर पहली बार चिलकहर सीट से विधायक चुने गए। इसी बीच 2009 में चिलकहर विधानसभा का अस्तित्व समाप्त हो गया। 2012 में सपा ने इन्हें रसड़ा से अपना उम्मीदवार बनाया। हालांकि वे दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें बसपा के उमाशंकर सिंह ने हराया था। हालांकि हारने के बावजूद सपा सरकार में इन्हें मंत्री पद का दर्जा दिया गया। 2017 में एक बार फिर सपा ने उन्हें यहां से उम्मीदवार बनाया लेकिन इस बार वे तीसरे स्थान पर रहे। सनातन पांडे की बहू साधना पांडे इस समय पंदह की ब्लाक प्रमुख हैं। इससे पहले उनके पुत्र रामेश्वर पांडे के अलावा पत्नी चिलकहर की ब्लाक प्रमुख रहीं। मिर्जापुर से डिप्लोमा करने के बाद सनातन पांडे गन्ना विभाग में इंजीनियर बने। वर्ष 1996 में नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा। पहली बार चिलकहर सीट से 2002 में निर्दलीय चुनाव लड़े लेकिन हार गए। इसके बाद सपा में शामिल हो गए और 2007 में विधायक बने । 
सनातन पाण्डेय के प्रत्याशी बनाये जाने पर सपा ,बसपा कार्यकर्ताओं व आम जन मानस में खुशी की लहर व्याप्त है ।

रिपोर्ट- संवाददाता डॉ अभिषेक पाण्डेय

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
image image image image image image image

Image   Image   Image   Image  

--- Top Headlines ---