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उड़ीसा: क्या पुरी मे संबित पात्रा खिला पायेंगे कमल, इस चुनावी अखाड़े मे ये तीन प्रवक्ता होगे आमने सामने


एक बार फिर से पूरा देश लोकतंत्र के महापर्व को मनाने की तैयारियों में लगा हैं। देश की सारी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां चुनावी समर में कूदने को तैयार हैं। इस बार लोकतंत्र का महापर्व यानी लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगा। सारे सियासी दल हर सीट को जीतने के लिए पूरे दमखम के साथ तैयारियों में लग चुके हैं। आज हम बात करेंगे उड़ीसा के लोकसभा सीट पुरी के बारे में-
ओडिशा के खोरधा, नयागढ़ और पुरी जिले के कुछ हिस्सों को मिलाकर पूरी लोकसभा का गठन होता हैं। 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 19 लाख 11 हजार 898 है. यहां की 83.02 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जबकि लगभग 17 फीसदी आबादी शहरों में निवास करती है. इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी 15.54 फीसदी है, जबकि अनुसूचित जनजाति का हिस्सा 1.47 फीसदी है.2014 में पुरी लोकसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 14,4,581 थी. इसमें पुरुष मतदाताओं का अनुपात 7,42,939 था, जबकि महिला वोटर्स की संख्या 6,61,642 थी, यहां 2014 में 74% मतदान हुआ था.पुरी लोकसभा सीट के तहत विधानसभा की 7 सीटें आती हैं. ये सीटें हैं - पुरी, पिपली, नयागढ़, ब्रह्मगिरी, चिल्का, सत्याबदी और रानपुर सीट. 

एक नजर पुरी के राजनीतिक सफर पर-

भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी में पहली बार चुनाव 1952 में हुए. इस सीट पर कांग्रेस और बीजू जनता दल का प्रभुत्व रहा है. मौजूदा सांसद पिनाकी मिश्रा पहली बार 1996 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे. लेकिन 1998 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजू जनता दल के ब्रज किशोर त्रिपाठी जीते. ब्रज किशोर त्रिपाठी बीजू जनता दल के टिकट पर 2004 तक लगातार चुनाव जीतते रहे. 2009 में भी इस सीट पर बीजू जनता दल ही चुनाव जीती, लेकिन इस बार पार्टी ने टिकट कांग्रेस में रहे पिनाकी मिश्रा को दिया था. 2009 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेडी के टिकट पर पिनाकी मिश्रा जीते. 2014 में देश भर में मोदी की लहर होने के बावजूद इस सीट पर बीजेडी और पिनाकी मिश्रा ने अपना दबदबा कायम रखा. आपको बता दें कि बीजेपी का अब तक सीट पर खाता भी नहीं खुला हैं।

इस चुनावी अखाड़े में ये तीन प्रवक्ता होगे आमने सामने-

भारतीय राजनीति के क्षत्रप नवीन पटनायक और उनकी पार्टी का इस लोकसभा सीट पर दबदबा रहा है. हालांकि 2019 में ओडिशा में बीजेपी की सक्रियता से यहां से नए रूझान मिल रहे हैं. बीजेपी ने इस बार पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को मैदान में उतारा है, मौजूदा सांसद और बीजू जनता दल के प्रत्याशी पिनाकी मिश्रा के साथ साथ कांग्रेस के टिकट पर सत्य प्रकाश नायक भी अपनी किस्मत को आजमाएंगे। खास बात यह है कि यह तीनों में अपनी अपनी पार्टी के प्रवक्ता है ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी अखाड़े में कौन किसको मात देता है ?

रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता, सत्यम राय

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