बलिया (ब्यूरो) कमिश्नर जगत राज ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। स्वतन्त्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए सभी अधिकारियों को अहम टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बूथ पर मूलभूत सुविधाएं, वहां जाने के लिए सुगमता और बेहतर कम्युनिकेशन की व्यवस्था रहेगी तो निश्चित रूप से चुनाव सकुशल सम्पन्न हो जाएगा। चुनाव से जुड़े सभी कार्यों के सम्बंध में मैनेजमेंट सही रहे, अधीनस्थ कर्मियों को साथ लेकर चलें तो पूरी चुनावी प्रक्रिया आसान हो जाएगी। बस, हर कार्य की निगरानी करते रहें।
उन्होंने आचार संहिता के अनुपालन के प्रति सख्त रुख दिखाते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसके प्रति सचेत रहें। अगर कहीं से कोई शिकायत आती है तो तत्परता से कार्रवाई हो। मतदात सूची में नाम जोड़ने व काटने के लिए निर्धारित प्रारूपों की समीक्षा के दौरान लम्बित आवेदनों पर नाराजगी जाहिर की। सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि शीघ्र निस्तारित कर अवगत करावें। उन्होंने कहा कि बूथों पर मूलभत सुविधाओं को देखते रहें। यहां अंतिम चरण में मतदान है और उस समय तगड़ी गर्मी का मौसम होगा। ऐसे में कोई भी हैंडपंप खराब नहीं रहना चाहिए। चुनाव में ईवीएम, वैलेट, वाहन व खाने की व्यवस्था, वीडियोग्राफी व अन्य जिम्मेदारियों से जुड़े नोडल अधिकारियों से भी कार्य सम्बन्धी पूछताछ की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बताया कि कहीं कोई गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार नोडल ही होंगे। अनुवीक्षण टीमों द्वारा की जा रही कार्यवाही के बावत जानकारी ली।
चुनाव में गलती माफी योग्य नहीं
सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष रूप से यही सन्देश दिया कि चुनाव में गलती माफी योग्य नहीं होती। इसलिए जब ट्रेनिंग दी जाए तो उस समय ध्यान से हर जानकारी को सुनें। अगर कहीं कुछ समझ मे नहीं आए तो बार-बार पूछिए। लेकिन जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। चुनाव से जुड़े हर कार्य को सजगता से करें। कमिश्नर ने सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट ट्रेनिंग के दौरान पूरे मनोयोग से जानकारी को सुनेंगे और देखेंगे। मशीनों के रखरखाव आदि के बारे में भी सजग रहेंगे। ध्यान रहे, किसी को भी ओवर कांफिडेंस में नहीं रहना है और क्रमवार चुनावी प्रशिक्षण में भाग लेना है। एआरओ अपने नेतृत्व में ट्रेनिंग को सम्पन्न कराएंगे।
शत प्रतिशत हो जाए पाबन्द करने की कार्रवाई
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की जानकारी दी। बताया कि क्रिटिकल व बर्नेबल बूथों के चिन्हांकन का कार्य पूरा हो चुका है। कमिश्नर ने सभी सीओ से पूछताछ कर स्थिति की जानकारी ली। कहा कि असामाजिक या अवांछनीय तत्वों को अनिवार्य रूप से चिन्हित कर लें। साथ भी शत प्रतिशत के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई कर लें। जो क्रिटिकल या बर्नेबल बूथ वाले मजरे हैं वहां अनिवार्य रूप से भ्रमण कर लें।
चलने में असमर्थ दिव्यांग को बूथ लाने की जिम्मेदारी
कमिश्नर ने कहा कि कोई दिव्यांग मतदाता अगर चलने लायक नहीं है तो उसे घर से बूथ तक ले जाना है। इसके लिए भी रणनीति बना लें। इसकी तैयारी करना अभी से शुरू कर दें। यहां अंतिम चरण में मतदान है इसलिए समय भी काफी है। जिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं को चिन्हित कर सूची तैयार कर ली गई है। जिले की सभी 948 ग्राम पंचायतों में व्हील चेयर की व्यवस्था रहेगी। इस पर कमिश्नर ने कहा कि दिव्यांगता के प्रकार के अनुसार सूची बनाएं। एक बार फिर देख लें कि किसी दिव्यांग का नाम मतदाता सूची से छूट तो नहीं गया है।
अनुमति के शर्तों के अनुसार ही हो सभा या रैली
अगर कहीं कोई रैली या सभा हो तो यह सुनिश्चित करें कि वह अनुमति के बाद ही हो रही हो। वहां मौके पर जाकर यह भी देखें कि अनुमति में दी गई शर्तों के अनुसार ही वहां की पूरी व्यवस्था हो। अगर कहीं अधिक व्यय या कुछ एक्सट्रा मिलता है तो उनकी वीडियोग्राफी कराते हुए कार्रवाई करें।
हर महिला का हो मतदाता सूची में नाम
जेंडर रेशियो की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि हर महिला का नाम मतदाता सूची में रहे। तहसील पर जमा फॉर्म में महिला मतदाता का नाम आया हो उसे तत्काल वोटर बनाएं। हालांकि जेंडर रेशियो में सुधार हुआ है लेकिन वह काफी नहीं है। सभी एसडीएम जब भी किसी गाँव मे भ्रमण करने जाएँ तो यह भी देख लें कि किसी महिला मतदाता का नाम छूटा तो नहीं है।
बूथ स्तर तक हो जागरूकता कार्यक्रम
स्वीप कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बीएसए सन्तोष राय को निर्देश दिया कि गांव-गांव बूथ स्तर तक जागरूक करने का प्रयास हो। प्रधान से लगायत ग्राम स्तर की कर्मचारियों को इस कार्य में लगाएं। जजागरुकता सम्बन्धी पोस्टर, बैनर के साथ एक प्रतिज्ञा पत्र छपवाएं और स्कूल कालेजों के माध्यम से ऐसा प्रयास करें कि वह घर-घर तक पहुँच जाए। विशेष जोर देकर कहा कि रोजाना कहीं न कहीं मतदाता जागरूकता रैली निकाली जाए। इससे लोगों के बीच जागरूकता का माहौल बनेगा।
बैठक में एसपी दे
वेंद्र नाथ, एएसपी विजयपाल सिंह, एडीएम रामआसरे, एसडीएम सदर अश्विनी श्रीवास्तव, एसडीएम(बांसडीह) अन्नपूर्णा गर्ग, एसडीएम (बैरिया) विपिन जैन, एसडीएम (सिकन्दरपुर) राजेश यादव, बीएसए सन्तोष राय, लेखाधिकारी बेसिक अमित राय, दिव्यांग कल्याण अधिकारी केके राय आदि थे।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता


