रतसर (बलिया) श्री बीका भगत सेवा संस्थान द्वारा संचालित रामलीला कमेटी ४३ वां वर्ष २०१८ के १५ वें दिन शुक्रवार प्रभु श्री राम की रामलीला मे श्रीराम का राजतिलक किया गया, रामलीला के अंतिम दिन के प्रायोजक नईम अहमद पूर्व प्रधान ग्राम सभा रतसर कला के प्रतिनिधि सुनील कुमार रहे, रामलीला स्थल पर आए पूर्व प्रधान प्रतिनिधि की अगवानी नंदू सिंह द्वारा कर रामलीला मंच पर लाया गया, राजगद्दी पर प्रभु श्री राम जी के गुरु वशिष्ठ जी (शिव लोचन यादव) द्वारा राज तिलक कर राजमुकुट धारण कराया गया, उसके पश्चात प्रतिनिधि सुनील कुमार, चौकी प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे, मदन यादव, नन्दू सिह आदि के साथ पूर्व प्रायोजकों ने भी राज गद्दी पर विराजमान प्रभु श्री सीता राम लक्ष्मण व हनुमान का अभिनय कर रहे पात्रों का क्रमशः माला पहनाकर प्रभु श्री रामचंद्र जी की राजगद्दी पर भव्य आरती उपेंद्र पाण्डेय सदस्य प्रान्तीय परिषद भाजपा, रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों व ४३वें बर्ष के आये पूर्व प्रायोजकों के द्वारा की गई।
इस दौरान बिका भगत के मंदिर व पोखरे के किनारे दीपों से जगमगा उठे हर तरफ लोगों में खुशी व हर्षोल्लास का माहौल था, इस मौके पर पैकेट में पैक सभी दर्शको व श्रोता जन के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर चौकी प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आम तौर पर रामलीला पेशेवर कलाकारों द्वारा लोग कराते हैं पर पिछले ४३बर्षो से लगातार ये लीला स्थानीय लोगों के द्वारा मंचन किया जाना यह रामलीला कमेटी व मंचन कर रहें पात्रों के लिए बहुत ही प्रशंसा का विषय है जो स्थानीय लोगों के विद्वता व समर्पण को दर्शाता है, भविष्य मे ये रामलीला कमेटी और बेहतर प्रदर्शन करें इसके लिये उन्होंने शुभकामनाएं भी दी और सभी के जीवन में सुख शांति की कामना भगवान से की।
श्री बिका भगत सेवा संस्थान व रामलीला कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से मुख्य कलाकारों के साथ साथ छोटे बड़े सभी लगभग 40 कलाकारों को मंच से पुरस्कृत भी किया गया, चौकी प्रभारी रतसर को रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नंदू सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, पूर्व प्रायोजक रहे सभी लोगों का रामलीला संस्थान द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर सुनील कुमार के साथ उपेंद्र पाण्डेय सदस्य प्रांतीय परिषद भाजपा, उमेश सिंह मण्डल महामंत्री भाजपा गड़वार, बंटी सिंह, पप्पू मास्टर, सुनील पांडे, नंदू सिंह ,चौकी प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे समेत असंख्य श्रोता व दर्शक जन 43वें वर्ष रामलीला में प्रभु श्री राम की राजगद्दी के मंचन के साक्षी बने , प्रभु श्री राम को गद्दी मिलते ही दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहीं कालहु व्यापा के उद्घोष के साथ समाप्त हो गया।
रिपोर्ट- बलिया ब्यूरो लोकेश्वर पाण्डेय



