रतसर (बलिया) आधुनिकता के इस दौर में नारी न केवल स्वावलंबी हो चुकी है, बल्कि हर क्षेत्र मे पुरुषों को कड़ी स्पर्धा देकर पूरे देश मे अपनी एक अनोखी मिशाल पेश कर रही है, इसी कड़ी में जिला बलिया के ग्राम रतसर कला की निवासी रंजू सिंह हाई स्कूल पास करने के उपरांत लाखों परेशानियों के बीच रंजू कुछ अलग कर गुजरने की चाह में उन्होंने अपनी मां चंद्रावती देवी से ही सिलाई सीखने का निश्चय कर माँ के साथ लग गई , कुछ वर्षों की अथक मेहनत और लगन रंग लायी और रंजू ने लेडीज सूट सिलने व डिजाइन करने में महारत हासिल कर लिया और सरस्वती भवन के पास "सोना सिलाई सेंटर" खोला जिसमें एक मशीन रखकर खुद मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करने लगी, धीरे-धीरे मेहनत कर पैसों की बचत करके चार और सिलाई मशीन खरीद लिया ।आज के समय मे उनके पास दूरदराज के गांवों से महिलाएं सिलाई कराने लेकर आने लगी आज उन्होंने लेडीज सूट सिलने व डिजाइनिंग में ख्याति प्राप्त कर ली है।
नए नए फैशन के डिजाइन वो स्वयं बनाती है, विगत 7 वर्षों से अपने कार्य में लगी रंजू अपना पूरा घर गृहस्ती भी कुशलता के साथ संभालती हैं, आज रंजू के पास पूरे क्षेत्र की महिलाएं व बालिकाएं भी सिलाई सीखने आती है जिन्हें सिलाई सिखा कर रंजू आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का कार्य भी कर रही है, खास़ बात यह है कि रंजू सिलाई सीखने आने वाली आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं व बालिकाओं की मदद भी करती हैं, आज महिलाओं व बालिकाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए रंजू पूरे क्षेत्र मे एक मिसाल बन चुकी हैं।
रिपोर्ट- बलिया ब्यूरो लोकेश्वर पाण्डेय

