सिकन्दरपुर (बलिया) क्षेत्र के काजीपुर गांव निवासी कलियुगी मां का करतूत इलाके में चर्चा का बिषय बना हुआ है जो डेढ़ माह के अपने अबोध बच्चे को छोड़ कर मायके भाग गई है।बच्चे की परवरिश उसकी बड़ी मां कर रही है।माँ के करतूत की सर्वत्र निंदा की जा रही है।
गांव के रूदल तुरहा की शादी डेढ़ दशक पूर्व बिहार के अम्बरपुर गांव निवासी पुष्पा के साथ हुई थी।उससे एक लड़का बाबू-17 व एक लड़की मुन्नी-13 पैदा हुए थे।इस दौरान किसी बात को लेकर पति से अनबन हो जाने पर पुष्पा अपने बच्चों के साथ रूदल को छोड़ कर असम चली गई थी।जहां उसके मायके वाले रहते हैं। रूदल द्वारा काफी प्रयास के बाद जब पुष्पा वापस घर नहीं आई तो उसने बांसडीह थाना क्षेत्र के केवड़ा निवासी बबिता के साथ दूसरी शादी कर लिया।बबिता से भी उसके चार बच्चे संजय-7,गोलू-4,पुत्री चांदनी-2 व डेढ़ माह पूर्व पुनः एक पुत्र पैदा हुए । रूदल व बबिता अपने बच्चों के साथ हंसी खुशी रह रहे थे कि 8 माह पूर्व अपने बच्चों को छोड़ कर गयी पहली पत्नी पुष्पा भी असम से वापस घर चली आई।उसके आने के बाद भी सभी एक साथ हंसी खुशी रह रहे थे ।बाद में पुष्पा और बबिता में अक्सर झगड़ा होने लगा।जिस को लेकर बबिता अपनी सौत पुष्पा को घर से भगाने के लिए रूदल पर दबाव बनाने लगी।काफी दबाव के बाद भी जब पुष्पा को छोड़ने के लिए रूदल तैयार नहीं हुआ तो वह दुधमुंहे सहित अपने सभी बच्चों को ससुराल में ही छोड़ कर पिछले शुक्रवार को मायका भाग गई।साथ ही पति के खिलाफ बांसडीह थाने में तहरीर दे दिया। जिसपर कार्रवाई करते हुए सिकन्दरपुर पुलिस ने रूदल को पकड़ कर थाने में बैठा दिया।पुलिस द्वारा पति की गिरफ्तारी से परेशान पुष्पा दुधमुंहे के साथ बबिता के सभी बच्चों को लेकर सीधे थाना पर पहुंच गई।थाना पर पुष्पा से पूरी कहानी सुनने के बाद कोतवाल अनिल चन्द तिवारी ने दयावश रूदल को छोड़ दिया।उधर बबिता अपने मायके में ही पड़ी हुई है।

