सिकन्दरपुर (बलिया) एक तरफ केंद्र व प्रदेश की सरकार साफ सफाई के नाम पर स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर देश को गंदगी के जंजाल से मुक्त कराने के लिये काम रही है, इसके ठीक उलट पूरे सिकन्दरपुर तहसील परिसर में साफ सफाई के अभाव मे उगे घास फूसों ने एसडीएम आवास, सीओ आवास और तहसीलदार आवास सहित पूरे तहसील परिसर को अपने चपेट मे ले लिया है, जिसके चलते यह पूरा परिसर एक तहसील नही बल्कि एक मिनी जंगल सा प्रतीत होने लगा है।
बताते चले कि इस तहसील परिसर मे एक पोखरा भी है जो साफ सफाई के अभाव मे झाड़ियों के रूप मे तब्दील हो चुका है और सांप,गोजर व अन्य विषैले व खतरनाक जानवरों का विशेष अड्डा बन चुका है, अगर साफ शब्दों मे कहा जाए तो तहसील सिकन्दरपुर का पूरा परिसर ही स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है।
विदित हो की इस तहसील परिसर मे सैकड़ों की संख्या मे लोग अपने काम से आते है पर इस तहसील परिसर मे सार्वजनिक शौचालय व मूत्रालय भी गंदगी और साफ सफाई के अभाव मे बन्द है जिसके चलते आम लोग इस तहसील मे स्थित पोखरे के किनारे व लेखपाल आवासों के आड़ मे स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते है।



