बेल्थरारोड, (बलिया) न्यायालय उपजिलाधिकारी बिल्थरारोड के अहलमद कोखतौनी ठीक करने के नाम पर भू-स्वामी से रिश्वत लेते एण्टी करप्शन टीम ने रंगो हाथो पकड़ लिया। वाराणसी मंडल के एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को पीडित की शिकायत के बाद स्थानीय तहसील पर पहुंची थी।बाद में एण्टी करप्शन टीम द्वारा लिखा पढ़ी के बाद उसे उभांव पुलिस के हवाले कर दिया गया।
एण्टी करप्शन टीम की छापेमारी से तहसील कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति रही, नगरा थाना क्षेत्र के गौरीटार निवासी हरिश्चंद यादव ने बिहराहरपुर में आफताब पुत्र मुर्तजा से 2001 में भूमि का बैमाना कराया था। इस भूमि का दाखिल खारिज भी हो गया। बाद में अभिलेखों में गड़बड़ी के चलते खतौनी में आफताब का नाम ही अंकित रहा। इस त्रुटि को दूर करने के लिए हरिश्चंद ने तहसीलदार कोर्ट में दफा 38 के तहत वाद दाखिल किया। जिसकी रिपोर्ट तहसीलदार ने दे दी। तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद हरिश्चंद उसके अंतिम निर्णय हेतु फाइल उपजिलाधिकारी कोर्ट के अहलमद वशिष्ठ मौर्या को देने पर वह उसे लेने में आनाकानी करता रहा। आखिर में काफी मान-मनौव्वल के बाद वह इसके लिए 15 सौ रूपये का डिमाण्ड किया। बार-बार तहसील का गणेश
परिक्रमा कर थक चुके हरिश्चंद ने वाराणसी पहुंचकर अपनी बात एण्टी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक राम सागर से कही। शिकायत सुनते ही टीम एलर्ट हो गयी। शुक्रवार को हरिश्चंद तहसील पहुंचे तथा उपजिलाधिकारी कोर्ट के अहलमद वशिष्ठ मौर्य से बातचीत के बाद उन्हे रिश्वत का पैसा देने के लिए तहसील परिसर से बाहर बुलाया। इस दौरान एण्टी करप्शन टीम उस पर नजर रखी हुई थी। ज्यों ही अहलमद ने हरिश्चंद से रिश्वत के पैसे लिए एण्टी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथो पकड़ लिया। अधिकारियों की इस कार्यवाही की जानकारी कर्मचारियों को लगते ही उनमें अफरा-तफरी मच गयी। बाद में अहलमद का हाथ धुलाकर टीम द्वारा इसकी पुष्टि भी कर ली गयी। प्रभारी निरीक्षक रामसागर ने बताया कि रिश्वत के रूप में अहलमद के पास से 5 सौ के तीन नोट पाये गये। छोपेमारी टीम ने लिखा पढ़ी के बाद पकड़े गये अहलमद को एक दिन के लिए उभांव पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। छापेमारी टीम में प्रभारी निरीक्षक के अलावा निरीक्षक विनोद कुमार, मुआ नरेन्द्र सिंह व आरक्षी सुनील यादव शामिल रहे।

