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उत्तर प्रदेश: स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही के चलते प्रसव पीड़ा से तड़प कर महिला ने तोड़ा दम


वाराणसी (व्यूरो) - 26 सितम्बर - स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा और घोर लापरवाही के चलते एक गर्भवती बनवासी महिला प्रसव पीड़ा से बेहाल छह घंटे तक बेहाल बैठी रही वहां समुचित उपचार न मिलने के कारण घर वापस लौट गई और लौटने के एक घंटे बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन उसकी हालत काफी ज्यादा बिगड़ गई परिजन पुन: उसे अस्पताल लेकर आये जहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने नार काटकर नवजात को अलग करने के बाद महिला को बदहाल हालत में छोड़ दिया एकबार फिर समुचित उपचार न मिलने और महिला और उसके परिजनों को तरह तरह की धमकी दिये जाने के बाद चिंताजनक हालत में जच्चा और बच्चा को लेकर परिजन घर वापस आ गये और देर रात महिला की मौत हो गई । इस संबंध में पुछे जाने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी आर के सिंह ने कहा की महिला उपचार के लिये स्वास्थ्य केंद्र पर आयी थी यदि स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी उपेक्षा की है तो मामले की जांच कर दोषी जनों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी ।
जानकारी के अनुसार बड़ागॉव थानाक्षेत्र के स्थानीय ग्राम सभा के कोईरीपुर मौजा की रहने वाली शीला देवी १८ वर्ष पत्नी पिंटु बनवासी प्रसव के अंतिम दौर से गुजर रही थी जिसका उपचार आशा मंजु देवी के माध्यम से प्रसव पुर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चल रहा था मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा तेज होने के कारण आशा उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागॉव पर ले जाकर छोड़ दिया लगभग ६ घंटे तक जच्चा बच्चा केंद्र में महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही लेकिन वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों की सारी मानवता मर गई और चिखती चिल्लाती महिला का समुचित उपचार नहीं किया गया अंत्वोगत्वा अपरान्ह ३ बजे दर्द से बेहाल महिला को परिजन घर लेकर चले गये यहां पर एक घंटे के बाद महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया लेकिन खेड़ी महिला के पेट में ही उलझी रह गई जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी आनन फानन में परिजन अञानता और गरीबी के कारण पुन: स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे वहां स्वास्थ्य कर्मियों ने नार काटकर बच्ची को अलग करने के बाद महिला को बदहाल स्थिति में छोड़ दिया इतना ही नहीं वहां उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदना इतनी शुन्य हो गई की महिला के परिजनों को जेल भेजवाने की धमकी देकर वहां से भगा दिया । परिजन बदहवास हालत में जच्चा और स्वस्थ बच्ची को लेकर पुन: घर वापस आ गये जहां रात ९ बजे महिला की मौत हो गई । इस बात की जानकारी मिलते ही मानवाधिकार के सदस्य मंगला प्रसाद ने संवेदन शुन्य स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों के विरुद्ध मुख्य चिकित्साधिकारी ,प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से दोषी जनों के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग किया।

वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला वारसी 

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