सिकन्दरपुर (बलिया) एक तरफ वोटर लिस्ट मे सुधार के लिये भारत सरकार व चुनाव आयोग लाखों करोड़ों रूपये खर्च कर तमाम अभियान चलाकर वोटर लिस्ट को निष्पक्ष रूप से सही करने का काम करते है, वहीं विभाग के चंद लोगों की लापरवाही और उदासीनता के चलते आये दिन वोटर लिस्ट मे तमाम कमियां और खामियां लगातार सामने आती रहती हैं, जिसके चलते भारी संख्या में इस देश के नागरिक अपने वोट देने के मूल अधिकारो से वंचित हो जाते है।
यह हमारे देश और सरकारी सिस्टम का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि अन्य पड़ोसी देशों से आकर बसे शरणार्थी व घुसपैठियों का वोटर कार्ड और आधार कार्ड तत्काल बन जाता है और वो हमारे देश की सरकार बनाने मे अपने मताधिकार का खुलकर प्रयोग करते है, और हमारे देश के नागरिक बन जाते है, पर हमारा चुनाव आयोग और उसके कर्ताधर्ताओं द्वारा देश के मूल नागरिकों का ही वोटर लिस्ट से नाम काटकर उन्हे शरणार्थी बनाने का और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र मे वोट देने के मूल अधिकारों से वंचित करने का काम कर रहे है।
जी हां हम बात कर रहे है उत्तर प्रदेश के बलिया जिले मे स्थित सिकन्दरपुर कस्बे की यहा पर वोटर लिस्ट की स्थिती बहुत ही अजीबोगरीब है, जो वोटर पिछले 40 सालो से अपने मताधिकार का प्रयोग करते आये है पर आज के तारीख मे उनका नाम ही वोटर लिस्ट से नदारद है, जिसके चलते आम जनमानस मे बहुत बड़े स्तर पर आक्रोश व्याप्त है, आम लोगों का आरोप है चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) कभी भी हमारे घर पर नही आते खुद घर पर ही बैठे वोटर लिस्ट को अपडेट कर देते है, जिसके चलते आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बताते चले कि सिकन्दरपुर कस्बा स्थित बालूपुर रोड, मनियर रोड, मुख्य बाजार मार्ग, बलिया मार्ग पर बहुत बड़ी संख्या मे लोगो का नाम वोटर लिस्ट से गायब है, यहां तक कि नये वोटर लिस्ट मे बहुत सारे परिवार ही गायब हो गये है, इसे चुनाव आयोग की महानता कही जाये या दुर्भाग्य कहा जाएं ये समझ से परे है, नगरवासियों ने इस खबर के माध्यम से संबंधित उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है, जिसमें इस देश के वासियों को अपने मूल अधिकारों से वंचित होने से बचाया जा सके।
रिपोर्ट-विनोद कुमार गुप्ता
रिपोर्ट-विनोद कुमार गुप्ता

