स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के सुपुत्र प्रिंस युकेश सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए जारी किया खंडन प्रेस नोट, खबर को बताया सरासर झूठी, निराधार और दिवंगत आत्मा का अपमान, परिवार ने कहा- अफवाहों पर न दें ध्यान, हर हाल में होंगी सत्य की होगी जीत
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रसड़ा (बलिया)। जनपद बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के परिवार की ओर से अमर उजाला दैनिक समाचार पत्र में बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक खबर को लेकर कड़ा प्रतिवाद सामने आया है। स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के सुपुत्र प्रिंस युकेश सिंह की ओर से फेसबुक पर जारी किए गए एक प्रेस नोट में प्रकाशित खबर को सरासर झूठी, निराधार और दिवंगत आत्मा का अपमान बताया गया है। प्रेस नोट के अनुसार स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के परिवार ने इस खबर के प्रकाशन को लेकर अमर उजाला दैनिक समाचार पत्र को 100 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस दिया है।
खंडन - प्रेस नोट।।@Mayawati @narendramodi @myogiadityanath @PMOIndia @CMOfficeUP @AmarUjalaNews pic.twitter.com/ER7gaGPjuv
— Prince Yukesh Singh (@PrinceYukesh) October 7, 2026
400 करोड़ की खबर पर परिवार ने उठाए सवाल
प्रिंस युकेश सिंह की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि अमर उजाला में 7 अक्टूबर को प्रकाशित खबर में 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा आयकर विभाग की कथित गोपनीय मूल्यांकन रिपोर्ट (Appraisal Report) के हवाले से बताया गया है। परिवार ने इस दावे को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया है। प्रेस नोट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है, उसके संबंध में परिवार का दावा है कि यह पूर्णतः असत्य और भ्रम पैदा करने वाला तथ्य है।
मूल्यांकन रिपोर्ट होती है अत्यंत गोपनीय
परिवार की ओर से जारी खंडन में दावा किया गया है कि आयकर विभाग की मूल्यांकन रिपोर्ट अत्यंत गोपनीय अर्थात “Top Secret” श्रेणी में आती है। प्रेस नोट में सवाल उठाया गया है कि ऐसी गोपनीय रिपोर्ट से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से समाचार का आधार कैसे बनी। प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि आयकर की गणना निर्धारण अधिकारी (Assessing Officer) द्वारा की जाती है, न कि केवल अन्वेषण शाखा (Investigation Wing) की किसी रिपोर्ट के आधार पर। हालांकि, इस संबंध में प्रेस नोट में किए गए कानूनी एवं विभागीय दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की जा रही है।
बिना सत्यता के खबर प्रकाशित करने का आरोप
परिवार की ओर से जारी प्रेस नोट में अमर उजाला पर यह आरोप भी लगाया गया है कि संबंधित खबर को बिना पर्याप्त सत्यता की जांच किए और परिवार का पक्ष लिए बिना प्रकाशित किया गया। परिवार ने इसे पत्रकारिता के नियमों के विपरीत बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। प्रेस नोट में कहा गया है कि ऐसी खबर से न केवल परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि दिवंगत उमाशंकर सिंह की सामाजिक एवं सार्वजनिक छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
परिवार ने दिया 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस
प्रेस नोट का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चा में आने वाला दावा यह है कि स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के परिवार ने अमर उजाला को 100 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस दिया है। यानी परिवार ने प्रकाशित खबर को केवल खारिज ही नहीं किया है, बल्कि उसके प्रकाशन को लेकर कानूनी कार्रवाई की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। हालांकि, उपलब्ध प्रेस नोट के आधार पर इसे “मानहानि का नोटिस” कहा जाना अधिक सटीक है। इसे अभी किसी न्यायालय द्वारा स्वीकृत या निर्णीत 100 करोड़ रुपये के दावे के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जा सकता।
दिवंगत नेता के सम्मान को लेकर भी जताई आपत्ति
प्रिंस युकेश सिंह की ओर से जारी प्रेस नोट में दिवंगत उमाशंकर सिंह के निधन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उनके निधन को लगभग दो माह हो चुके हैं। परिवार ने प्रकाशित खबर को दिवंगत आत्मा के सम्मान से जोड़ते हुए इसे “दिवंगत आत्मा का अपमान” बताया है। परिवार का कहना है कि किसी दिवंगत व्यक्ति से संबंधित गंभीर आर्थिक आरोपों को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की गहन जांच और संबंधित परिवार का पक्ष लेना आवश्यक है।
अफवाहों पर ध्यान न दें, सत्य की होगी जीत
प्रेस नोट के अंत में परिवार की ओर से लोगों से अपील की गई है कि कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें। सत्य की जीत होगी। इसके साथ ही संदेश के नीचे “परिवार, स्व. श्री उमाशंकर सिंह जी” अंकित है। प्रेस नोट पर दिनांक 07.10.2026 दर्ज है।
अब इस पूरे मामले में सामने आएगा तथ्य
अमर उजाला में प्रकाशित खबर को लेकर परिवार के इस कड़े खंडन के बाद पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल 400 करोड़ रुपये के कथित आंकड़े के स्रोत, संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता, खबर के आधार और परिवार के पक्ष को शामिल किए जाने या नहीं किए जाने को लेकर खड़े हो गए हैं। यदि मामला आगे कानूनी स्तर तक जाता है तो प्रकाशित खबर, उसके स्रोत, संबंधित दस्तावेज और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर इतना स्पष्ट है कि प्रिंस युकेश सिंह की ओर से जारी प्रेस नोट में अमर उजाला की प्रकाशित खबर का तीखा खंडन किया गया है और परिवार ने 100 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस दिए जाने की बात कही है।
अमर उजाला की खबर में हैं क्या
अमर उजाला की रिपोर्ट में मुख्य रूप से दावा किया गया है कि स्वर्गीय उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों से 400 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूले जाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट को अंतिम निर्धारण के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजे जाने की बात कही गई। फरवरी 2026 में उमाशंकर सिंह से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी और करीब 10 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का उल्लेख है। खबर में छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कथित अवैध खनन और खनन विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

