लगातार हो रहें ब्रेक डाउन, सट डाउन व अघोषित कटौती के चलते सिकन्दरपुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से हुई धराशाई, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते लोग अपने घरों में बिलबिलाने को मजबूर
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सिकन्दरपुर (बलिया) लगातार हो रहें ब्रेक डाउन, सट डाउन व अघोषित कटौती के चलते सिकन्दरपुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से धराशाई हो गयी है। अगर बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतना लो रहता है कि इससे अन्य ससांधनों को चलाने की बात तो दूर पंखे भी ठीक तरह नहीं चल पा रहे। इस विद्युत दुर्व्यवस्था से बिजली विभाग के आला अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि सभी पुरी तरह से वाकिफ है। बावजूद इसके इस समस्या समाधान के लिए किसी भी स्तर से कुछ भी नहीं किया जा रहा है। ऐसा लगता हैं जैसे हुकूमत मे शामिल सभी जिम्मेदार लोग कोरोना महामारी को देखतें हुये ऐसे कमरों मे क्वारंटाइन हो गए हैं, जहां से आमलोगों की तकलीफें इन्हें नजर नहीं आती। आम लोग गर्मी से परेशान होकर अपने घरों मे बिलबिलाने को मजबूर है।
बताते चलें कि नगरीय क्षेत्र में 22 घन्टे व ग्रामीण क्षेत्र में 18 घन्टे निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति का प्रावधान सरकार ने किया है, किन्तु नगर क्षेत्र हो या देहात, बड़ी मुश्किल से केवल 7 से 8 घन्टे बिजली सुचारू रुप से मिलती है। वह भी केवल रात में।
क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी उपभोक्ता हितों के प्रति बिल्कुल ही गम्भीर नहीं है। कुछ जागरूक तो यहां तक कहते है कि बिजली विभाग के अधिकारी प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए जानबूझ कर बिजली समस्या पैदा कर उपभोक्ताओ को परेशान कर रहे है, ताकि लोगों में सरकार के प्रति नकारात्मक आक्रोश बढ़े। उपभोक्ताओं ने इस मामले मे जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्या के समाधान की मांग की है।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

