रतसर (बलिया) विकास खण्ड गड़वार क्षेत्र के जनऊपुर गांव में रविवार को मंगला चट्टी पर सहायक विकास अधिकारी(कृषि) ज्ञान प्रकाश की देखरेख में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया ।गोष्ठी में वर्मी कम्पोस्ट एवं प्रधानमन्त्री कृषक पेंशन योजना के बारे में क्षेत्र के किसानों को विस्तृत जानकारी दी गई ।ज्ञान प्रकाश ने बताया कि बढती जनसंख्या, जोतों का छोटा होता जाना, कृषिगत भूमि में लगातार कमी होते जाने के कारण गोबर एवं कम्पोस्ट खादों के नगण्य मात्रा में प्रयोग के कारण मृदा जीवांश कार्बन की मात्रा का लगातार ह्रास हो रहा है ।अतः मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना के प्रति कृषकों को जागरूक/प्रोत्साहित करना आवश्यक है । इसके लिए आबाद राजस्व ग्रामों में एक-एक वर्मी कम्पोस्ट इकाई की स्थापना 7x3x1=21 घन फीट आकार का निर्माण करना होगा ।लागत मूल्य धनराशि रुपए 8000 प्रति इकाई के निर्माण पर कृषकों को लागत मूल्य का आर.के.वी.वाई योजनान्तगर्त 50 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा विशेष अनुदान 25 प्रतिशत कुल अनुदान 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम रूपए 6000 जो भी कम हो की सीमा तक अनुदान देय है । इसी क्रम में प्रधानमन्त्री किसान पेंशन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए प्राविधिक सहायक अमित कुमार गौतम ने बताया कि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के किसानों का पंजीकरण कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से विशेष शिविर लगाकर सीएससी के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि जो किसान निर्धारित आयु वर्ग के अन्दर आते है वे अपना आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर नजदीकी शिविर में अपना पंजीकरण करा लें। पंजीकरण निःशुल्क किया जा रहा है। इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क देय नही है । उम्र के अनुसार निर्धारित अंशदान उनके खाते से स्वतः इस योजना के खाते में हस्तांतरित हो जाएगा ।यह अंशदान न्यूनतम 55 रुपए से अधिकतम 200 रुपए प्रति महीने तक है। यह राशि इनके पेंशन निधि खाते में जमा होगा
इन पंजीकृत किसानों की उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाने पर तीन हजार रुपए प्रति महीने आजीवन पेंशन मिलेगा ।
इस अवसर पर हृदयानन्द पाण्डेय, वाल्मिकी यादव, उमाशंकर यादव, कृष्णानन्द पाण्डेय, लालीराम सहित क्षेत्र के दर्जनों कृषक गोष्ठी में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व ग्राम प्रधान श्री प्रेमनारायन पाण्डेय एवं संचालन धनेश कुमार पाण्डेय ने की ।
रिपोर्ट- संवाददाता डॉ ए० के० पाण्डेय


