सिकंदरपुर (बलिया) गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली जहां आंख मिचौली का खेल खेलना शुरू कर दिया हैं वही दुसरी तरफ ग्रामीणों को गर्मी व मच्छरों से निजात पाने के लिए पूरी रात जागना पड़ रहा है। बस स्टैण्ड सिकन्दरपुर से गांधी इंटर कॉलेज की तरफ व सिकन्दरपुर बालुपुर मार्ग, मुख्य बाजार मार्ग पर जाने वाली बिजली के तारो की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जिससे पिछले 72 घंटे के अंदर बिजली मात्र 8 से 10 घंटे मिली है जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति बड़े पैमाने पर आक्रोश व्याप्त है। जैसा कि पूरे दिन शार्ट सर्किट से खेतो में आग लगने के डर से बिजली नहीं दी जा रही है व केवल रात्रि को बिजली की सप्लाई दी जा रही है। जैसे ही शाम को बिजली की सप्लाई दी जाती है जर्जर हुए तारों में कोई न कोई टार टूटकर गिर जाता है जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा चंदा इकट्ठा कर तार को ठीक कराया जाता है। लेकिन यह तार फिर से कब दोबारा टूट जाए किसी को पता नही है। अगर दोबारा टार टूट जाये तो पूरी रात के लिये उस तरफ के ग्रामीणों की छुट्टी हो जाती है बिजली से। जिसके वजह से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। वही स्थानीय लोगो के द्वारा जर्जर हुए तारों की बदलने की मांग लगभग कई वर्षों से की जा रही है लेकिन अधिकारियो की नजर इस जर्जर हुए तार पर नहीं पड़ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन जर्जर हुए तारों के नीचे यूनियन बैंक आफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक के खाताधारकों लंबी लंबी लाइन लगी रहती है। वहीं क्षेत्र के सबसे बड़े इंटर कॉलेज की बालिकाएं भी इसी सड़क से रोजाना पढ़ने जाती है किसी को कुछ पता नहीं कि इन जर्जर हुए तार कब टूटकर किसी की मौत का कारण बन जाए। लेकिन अधिकारियों की नजर इस तरफ नहीं है। इस बाबत बिजली विभाग के जेई ने बताया कि मामले को संज्ञान में लिया गया है जल्द से जल्द समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता, रमेश जायसवाल

