इलाहाबाद:- शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद भाजपा सरकार का बड़े पैमाने पर शिक्षामित्र विरोध कर चुके हैं। फिलहाल मौजूदा समय में सरकार शिक्षामित्रों को साधने में जुटी हुई है। लेकिन अपनी डैमेज कंट्रोल पॉलिसी के बीच योगी सरकार को इस बार जोरदार झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार द्वारा शिक्षामित्रों की पुन: उसी स्कूल में तैनाती दिए जाने तथा उसके तरीके को अमान्य करार दिया है। साथ ही शिक्षामित्रों को स्कूल में ज्वाइन कराने के लिए सहायक अध्यापकों के पद खाली कराए जाने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षामित्रों को तैनाती देने के लिए सहायक अध्यापक को नहीं हटाया जा सकता। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्र पैराटीचर हैं और उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती नहीं दी गई है। ऐसे में उनकी तैनाती के लिए स्कूल में पहले से तैनात शिक्षक को नहीं हटाया जा सकता है।
यूपी: योगी सरकार की बातों को कोर्ट ने ठहराया गलत, कहा शिक्षामित्र शिक्षक नहीं फिर किस आधार पर हो समायोजन
14.9.18
53k
इलाहाबाद:- शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद भाजपा सरकार का बड़े पैमाने पर शिक्षामित्र विरोध कर चुके हैं। फिलहाल मौजूदा समय में सरकार शिक्षामित्रों को साधने में जुटी हुई है। लेकिन अपनी डैमेज कंट्रोल पॉलिसी के बीच योगी सरकार को इस बार जोरदार झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार द्वारा शिक्षामित्रों की पुन: उसी स्कूल में तैनाती दिए जाने तथा उसके तरीके को अमान्य करार दिया है। साथ ही शिक्षामित्रों को स्कूल में ज्वाइन कराने के लिए सहायक अध्यापकों के पद खाली कराए जाने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षामित्रों को तैनाती देने के लिए सहायक अध्यापक को नहीं हटाया जा सकता। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्र पैराटीचर हैं और उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती नहीं दी गई है। ऐसे में उनकी तैनाती के लिए स्कूल में पहले से तैनात शिक्षक को नहीं हटाया जा सकता है।
Tags

