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सिकन्दरपुर: आखिर कब तक थमेगी बिजली के करंट से होने वाली घटनाएं


सिकन्दरपुर (बलिया) पिछले करीब दो माह के अंदर अलग-अलग स्थानों पर करंट की चपेट में आकर एक महिला सहित दो लोगो की मौत को इलाके के लोग अभी भूले भी नहीं थे की शनिवार को हुई घटना ने सबको हिला के रख दिया। लोगो के अनुसार पहले हुई दोनों मौत बिजली विभाग की लापरवाही बताते है। क्षेत्र के उसुरी गांव निवासी राजकुमारी(50) वर्ष पत्नी रामबिलास यादव 28 अगस्त को मवेशी का हरा चारा लेने खेत में गई थीं। उसी दौरान ऊपर से गुजर रहा एल.टी.तार टूट कर उनके ऊपर  गिर गया था। जिससे करंट की चपेट में आकर उन्होंने दम तोड़ दिया था। इसी प्रकार बगल के मलवार गांव में 30 जुलाई की रात में टूट कर जमीन पर गिरे एच. टी.तार की वजह से अनेक मकानों में करंट प्रवाहित हो गया था। जिसकी चपेट में आकर गांव के डॉक्टर शेषनाथ यादव की मौत हो गई थी। इन दोनों मौत को लेकर काफी हो हल्ला व रास्ता जाम के बाद दोनों परिवार वालो के परिजनों को बिजली विभाग की तरफ से एक-एक लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया था।

रविवार को भी जिन्दापुर गांव मे पसरा रहा सन्नाटा-

सिकंदरपुर (बलिया) सिकन्दरपुर क्षेत्र के जिन्दापुर में शुक्रवार की रात में करंट से हुए हादसा के बाद गांव का माहौल रविवार को भी गमगीन रहा। आज भी पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। शनिवार की देर शाम  अंत्य परीक्षण के बाद शव जैसे ही गांव में पहुंचा  पूरे गांव व क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया  देर शाम तीनों शव को  सुपुर्द ए खाक किया गया  गमगीन माहौल में गांव वालों ने  अपने बीच रहने हसने खेलने वाले  काल के गाल में समाए बच्चों  को सुपुर्द ए खाक करते समय  अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे  और लोगों की आंखों से आंसू छलक जा रहा था गांव में लोग हर जगह-हादसे के बारे में ही चर्चा कर रहे थे। इस दौरान लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश रहा। गांव वालों का मानना है कि विभाग की लापरवाही के चलते ही इतना बड़ा हादसा हुआ है। लापरवाही के चलते करेंट ने एक साथ तीन लड़कों को मौत की नीद सुला दिया। पिछले वर्षों की भांति यदि त्यौहार में बिजली काट दी गई होती तो यह हादसा नहीं होता।उधर अधिकारियों द्वारा घोषणा के बावजूद पीड़ित परिवारों को अब तक प्रशासन की तरफ से कोई सहायता प्रदान नहीं किये जाने से गांव वालो में रोष व्याप्त है। गांव के समाजिक ब्यक्ति व कांग्रेसी पार्टी के जिला महासचिव नियामुल हक़ खान ने हादसे पर दुख ब्यक्त करते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष मोहर्रम की दसवीं को ताजिया का जुलूस निकालने के पूर्व एहतियात के तौर पर विभाग द्वारा गांव की बिजली की आपूर्ति  बंद कर दी जाती थी।इस वर्ष क्या कारण था कि आपूर्ति बंद नहीं की गई। वही एल एन नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिवान कला के प्रबंधक नियाज अहमद ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवार को 10 10 लाख रुपए मुआवजे एवं घायलों को समुचित इलाज सरकारी खर्च पर कराने की मांग किया।

रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

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