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डॉ राम मनोहर लोहिया कॉलेज प्रकरण: मुकदमा वापसी के लिए सामाजिक संगठनों ने किया बैठक


वाराणसी (व्यूरो) - 29 सितंबर । रोहनियां डा राम मनोहर लोहिया पीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव में बवाल के बाद जेल भेजे गए आंदोलनकारियों पर दर्ज रिपोर्ट वापस लेने की मांग जोर पकड़ने लगी है, लोहिया कालेज के छात्रों और उनके अभिभावकों और ग्रामीणों के ऊपर लादे गए फर्जी मुकदमें के खिलाफ शनिवार सायं को राजातालाब स्थित सुमित्रा कटरा में सामाजिक संगठनों छात्रों ने बैठक आयोजित किया जिस में फर्जी मुकदमे की वापसी के लिए आंदोलन की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया यह तय किया गया कि यदि एक सप्ताह में फर्जी मुकदमा वापस नहीं किया गया तो दलगत भावना से ऊपर उठकर तीव्र आंदोलन होगा चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से तत्काल फर्जी मुकदमा वापसी और गलत मुकदमा दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
स्थानीय रोहनियां पुलिस की गलत कार्यवाही से मनगढ़ंत और निराधार प्रार्थना पत्र के आधार पर फर्जी मुकदमा लिखे जाने से दोषियों के ऊपर कार्रवाई नहीं हो पा रही है 

छात्रों को मिला सामाजिक संगठनों का भी साथ-

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन की हिटलरशाही छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुकदमा वापस कर मामले की न्यायिक जांच नहीं हुई तो हम सड़क पर भी उतर सकते हैं। पुलिस  हिरासत में लेने के बाद थाने पर  पिटाई की छात्रों की मांग पूरी करने की बजाय की गई पिटाई गलत है। बबलु राजभर के नेतृत्व में हुई बैठक में लोहिया कॉलेज छात्रसंघ चुनाव पर छात्रों और उनके अभिभावकों पर लाठी बरसाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक में लोगों ने उच्च स्तरीय जांच व आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमा वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
पुलिस की पिटाई से बुरी तरह घायल छात्रों और अभिभावकों मेडिकल कराकर के बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज कराने और मुकदमा वापस लेने की मांग की। 
बैठक का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने किया कहा कि पुलिस प्रताड़ना का मामला मानवाधिकार आयोग तक ले जायेंगे । इसमें दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा

लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत कार्रवाई–

बैठक की अध्यक्षता डा राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय शंकर जायसवाल ने किया कहा कि बेकसूर लोगों पर पुलिस द्वारा बर्बरता करना लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत है। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की। 
छात्र-नौजवान जेल और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। जितना छात्र-नौजवान पर सरकार जितना दमन करेगी, उतना ही छात्र आंदोलन और आगे बढ़ेगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि डा. राम मनोहर लोहिया कालेज में हुए बवाल से छात्र पर से मुकदमा हटाकर उन्हें रिहा किया जाय। 

ये है मामला

घटना 27 सितंबर गुरुवार की है। घटनाक्रम के अनुसार-

रोहनिया स्थित राम मनोहर पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में मतगणना को लेकर गुरुवार को हंगामा हो गया था। कुछ प्रत्याशियों ने मतगणना में नियमों को दरकिनार करने का आरोप लगाये थे। बात बिगड़ कर मारपीट तक जा पहुंची और बता दें कि पुलिस ने एक प्रत्याशी को बुरी तरह मारा पीटा आक्रोशित छात्रों ने पुलिस को दौड़ाया जिससे कुछ पुलिसकर्मी गिरकर चोटिल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज किया था। पथराव व लाठीचार्ज से पुलिसकर्मी व छात्र दोनों ही घायल हुए हैं। पुलिस ने तत्काल दो छात्रों को हिरासत में ले लिया के पश्चात पुलिस ने उसी रात 8:00 बजे जय प्रकाश पटेल, राकेश वर्मा, राजेश, दिलीप, अमित वर्मा, सुनील वर्मा, मृत्युंजय पटेल, पवन मिश्रा  आदि सहित दो दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों के विरूद्ध मारपीट व बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, सीएम योगी उस समय शहर में मौजूद थे और उसी समय हुए बवाल से पुलिस भी बैकफुट पर आ गयी थी।

विधायक ने किया सीएम से मामले की न्यायिक जांच की मांग

उधर सेवापुरी विधायक नील रतन पटेल नीलू ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा पकड़े गए छात्रो को थाना में पुलिस कस्टडी में पुलिस द्वारा मारने पीटने का आरोप लगाते हुए छात्रों पर दर्ज मुकदमे को समाप्त करने धारा कम करने के साथ ही पुलिस कस्टडी में छात्रों को मारने वाले पुलिस कर्मियों को दंडित कराने का आश्वासन दिया इस बाबत आला अधिकारियों से घटनाक्रम बता कर निष्पक्ष जांच करवा कर दोषियों को दंडित निर्दोषों को न फसाने की बात की किंतु छात्रों को जिला पुलिस प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री से मिलकर घटना की न्यायिक जांच कराऊंगा छात्रों के साथ पुलिस बर्बरता की बात सदन में ले जाऊंगा और हर हाल में पुलिस कस्टडी में छात्रो से मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को दंडित कराऊंगा क्योंकि अगर पकड़े गए छात्र भी दोषी थे तो पुलिस उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए हैं ना कि उन्हें पकड़कर थाने परिसर में मारने पीटने के लिए है।
आराजी लाइन ब्लॉक प्रमुख नगीना सिंह पटेल प्रतिनिधि डॉ महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि पुलिसिया उत्पीड़न निंदनीय है मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए और निर्दोषों का उत्पीड़न न किया जाए अन्यथा जन आक्रोश बढ़ता ही जाएगा।
बैठक मे डॉक्टर के एन सिंह, राज कुमार गुप्ता, अश्वनी पटेल, अनिल कुमार पटेल, बबलु राजभर, मनोज पटेल, विनोद सिंह, डा. पवन सिंह, रामबचन कौशल, राजीव मौर्या, लाल जी पटेल, विवेक पटेल, चंद्रेश भारती, साजन पटेल, वंश नारायण, राजेंद्र प्रसाद, विजय शंकर जायसवाल, विजय राज, राजन राय, आदि लोग मौजूद रहे।

रिपोर्ट -  वाराणसी   ब्यूरो अब्दुल्ला वारसी

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