सिकंदरपुर (बलिया) सरकार स्वच्छता अभियान के लिए क्या कुछ नहीं कर रही है लेकिन प्रशासन है कि कुछ करने को तैयार ही नहीं है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान के तहत चलाए गए संपूर्ण स्वच्छ भारत का सपना क्या समय रहते पूरा हो जाएगा? जबकि भारत सरकार की मंशा है कि इस अभियान के तहत संपूर्ण भारत को स्वच्छ बनाना चाहते हैं। जहां एक तरफ सरकार स्वच्छता अभियान के अंतर्गत स्वच्छ भारत निर्माण के लिए करोड़ो अरबो रुपए खर्च करके संपूर्ण भारत को स्वच्छ करने का लक्ष्य देख रही है। तो वहीं दूसरी तरफ सिकंदरपुर के कई क्षेत्रों में स्थित सार्वजनिक स्थलों पर लगा कूड़े का ढेर इस अभियान की पलीता लगाता नजर आ रहा है।
केंद्र की मोदी सरकार की मंशा है कि लोगों में जागरुकता फैला कर पूरे भारत को स्वच्छ कर देंगे। लेकिन इस अभियान में लगे कर्मचारियों, अधिकारियों, की गैर जिम्मेदाराना रवैया इस स्वच्छता अभियान को लेकर आम लोगों में जागरूकता की कमी के कारण नहीं लगता है कि यह अभियान समय पर पूर्ण हो जाएगा। सिकंदरपुर का कस्बा, ब्लॉक, या ग्राम पंचायतों के हर गांव में कूड़े का ढेर नजर आता दिखाई पड़ रहा है। इस अभियान में लगे सफाई कर्मी भी अपने कार्यों से बिमुक्त होकर केवल फाइलों में स्वच्छता अभियान चलाए हुए हैं।
वहीं इन ग्राम पंचायतों में लगे सफाई कर्मी भी तभी उस गांव की सफाई करते हैं, जब किसी अधिकारी या माननीय का दौरा होता है। जबकि सरकार की भी मंशा है कि स्वच्छता केवल सरकारी कर्मचारियों व सफाई कर्मियों के भरोसे न चढ़े। बल्कि आम जनमानस भी इस अभियान के प्रति स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए जागरूक हो। तभी सरकार का संपूर्ण स्वच्छ भारत अभियान का सपना साकार हो पाएगा।




