बलिया (ब्यूरो) दीपावली पर्व के समय लोगों को कैश से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है इस बार 5 दिन तक बैंक लगातार बंद रहेंगे त्योहारी खरीद के चलते एटीएम भी धोखा दे सकते हैं ऐसे में पहले से ही तैयार रहना समझदारी होगी दीपावली पर्व और भाई दूज को बैंक बंद रहेंगे इसके बाद आगे के दो दिन शनिवार और रविवार भी छुट्टी होगी, अब ऐसे में लोगों को नकदी की कमी कभी भी खल सकती है, हालांकि बैंकों का दावा है कि कैश से जुड़ी समस्याएं नहीं होगी, यही नहीं छठ पर्व, गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस और ईद ए मिलाद जैसे त्योहारों की छुट्टी भला कौन रोक पाएगा।
ऐसे में नवंबर के आखिरी में 23 नवंबर 2018 को ईद ए मिलाद का पर्व मनाया जा सकता है जबकि अगले दिन यानी शनिवार 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर भी कई राज्यों में अवकाश रहेगा 25 नवंबर को रविवार को बैंकों में अवकाश रहेगा बिहार में 12 नवंबर को बैंक बंद रहेंगे फिर 13 और 14 नवंबर को छठ पूजन के कारण बैंक बंद रहेंगे, बैंक बंदी वाले दिन 7 नवंबर दीपावली 8 नवंबर प्रतिपदा 9 नवंबर भाई दूज 10 नवंबर शनिवार 11 नवंबर रविवार त्योहारों पर धन की अधिक आवश्यकता होती है ऐसे में लोग बैंकों से धन निकाल कर रख लेते हैं अचानक आवश्यकता पड़ने पर एटीएम से आवश्यकता की पूर्ति करते हैं।
इस वर्ष दीपावली 7 नवंबर को है 7 नवंबर को दीपावली का अवकाश है 8 नवंबर को प्रतिपदा व 9 नवंबर को भाई दूज का अवकाश है, महीने के दूसरे शनिवार व रविवार को बैंक का नियमित अवकाश रहता है इसलिए 10 नवंबर को शनिवार 11 नवंबर को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे, इन 5 दिनों में बैंक ग्राहक एटीएम पर निर्भर हो जाएंगें, पांच दिनों के अवकाश में जहां बैंक बंद रहने के कारण एटीएम में भी धन नहीं रख पाएगा।
इस कारण अधिकांश एटीएम भी शायद ही काम कर पाए वैसे विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के मुताबिक अवकाश के दिनों में भी एटीएम में धन रखा जाएगा, जिससे अवकाश के बाद भी स्टेट बैंक के एटीएम बंद नहीं होंगे उनमें धन पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहेगा, हालांकि कई ऐसे एटीएम है जो बैंक परिसर में ही लगे हैं जैसे ही बैंक बंद होता है एटीएम भी बंद हो जाता है, नोटबंदी के बाद से छोटे शहरों में लोगों को एटीएम में धन नहीं रहने की हमेशा ही शिकायत रही है हालांकि कुछ बैंकों के प्रबंधक साफ तौर पर कहते हैं कि बैंक बंद होने के बाद भी जो एटीएम खुले भी रहते हैं फिर भी उनमें नगदी समाप्त हो जाती है।
रिपोर्ट-बलिया ब्यूरो लोकेश्वर पाण्डेय

