सहतवार ( बलिया) लोगो के खेत की सिचाई के लिए वर्षो पहले बाँसडीह से सहतवार तक बना नहर आज विभागीय उपेक्षा के कारण उसमे झाड़ पतवार उग चुका है। नहर मे पानी नही आने से किसानो के फसल सुखने के कागार पर पहुँच गये है। जिससे किसानों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है। कुछ किसान आज कल महंगे डीजल से पम्पिग सेट चलाकर किसी तरह से फसल को जीवित रखे हुए है। किसानो का कहना है कि अगर इस नहर से पानी का सप्लाई आता तो हम लोगो के सामने ऐसी समस्या नही आती।
उस क्षेत्र के किसानो का कहना है कि पहले इस नहर से पानी मिलता था तो किसानो को भरपूर फसल की उपज होती थी। बरसात हो या न हो, नहर से भरपूर पानी मिलने से किसानो को खेत के लिए पानी की चिन्ता नही थी। वर्षो पहले नहर का पानी बन्द हुआ तो उसी नहर के नाले से सरकारी ट्यूवेल का पानी मिलता था। जिससे खेत मे पानी का काम चल जाता था। लेकिन तीन चार वर्षो से नहर मे खर पतवार उग जाने से सरकारी ट्यूवेल का पानी भी बन्द हो गया। जिन लोगो के पास अपना पम्पिग सेट है। उन लोगो का फसल तो ठीक है। लेकिन जिन लोगो के पास अपना पम्पिग सेट नही है। उन लोगो की हालत दयनीय हो गयी है। किसानो का कहना है कि धान की फसल का अब दाना पकड़ने का समय है। मेन ऐसे मौके पर मौसम भी जबाब दे दिया है, और डीजल भी महंगा हो गया है ऐसे मे कैसे खेती की जाय यह समझ मे नही आ रहा है।

