वाराणसी (व्यूरो) - बङागाव थानाक्षेत्र के कुसुमुरा गांव ताजिया हाईटेंशन तार से छू जाने से जलने लगा। घबराहट मे ताजियादारों ने 100 नम्बर पर ताजिया जलने की सूचना दी इस सूचना को बङागांव पुलिस ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और फोन करने वाले को थाने मे बुलाकर बुरी तरह मारपीट कर बैठा लिया तथा उसके दो और साथी शोहराब अली पुत्र बरकत अली और बदलू पुत्र सुल्तान को भी थाने बुलाकर लात घुंसो से मारकर थाने से भगा दिया किन्तु असरफ जिसने 100 नम्बर पर अपने मोबाइल से हाईटेंशन तार से ताजिया जलने की बात कहा था उसे बुरी तरह मारपीट कर रातभर थाने पर रखा गया और भद्दी भद्दी गालिया देते हुए कहा 100 नम्बर पर फोन क्यो किया इस बात की धमकी दी जाती रही। ग्राम प्रधान अख्तर अली के बार बार अनुरोध करने एवं मुहर्रम की बात कहने के बावजूद बङागांव पुलिस को जरा भी रहम नहीं आया। रातभर इटहा, कुसुमुरा, मदनपुर, कूङी, बगिया गावों मे यह खबर आग की तरह फैल गई।
सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि घटना के बाद पुलिस वाले गांव मे आए और उपर का गुम्बज और जला हुआ हिस्सा देखने के बजाय ग्रामीणो को हङकाकर, आतंकित करके चले गये। प्रधान के बार बार आग्रह पर जब असरफ को नही छोङा गया और सुबह उसे अपमानित करके, आतंकित करके थाने मे झाडू लगवाया गया तो इस घटना से ग्रामीणो मे आक्रोश व्याप्त हो गया और लोगो ने जिलाधिकारी व एसएसपी से थाने द्वारा किए जा रहे अमानवीय, अपमानजनक घटना की जानकारी दी। इटहा एवं कुसुमुरा, मदनपुर, बगिया, कूङी के ताजियदारों ने थाने के घेराव की योजना बनानी शुरू कर दी। ज्ञात हो कि मुहर्रम के एक दिन पूर्व क्षेत्रीय दरोगा राजेश ओझा ग्रामीणो से कहा था कि यदि ताजिया के सम्बन्ध मे कोई दिक्कत हो तो 100 नम्बर पर फोन कर देना। थाना बङागांव मे आए दिन ग्रामीणो को बुरी तरह मारना पीटना, अवैध वसूली करना, जबरन दिवार बनवाया, विरोध करने पर अग्रेजो के जमाने की पुलिस साबित करना आम बात हो गयी है। थाना प्रभारी पर किसी का अंकुश नही रह गया है। पीड़ित व्यक्ति जाए तो कहां जाए। उच्चाधिकारी के यहां जाने पर जांच पुनः थाने ही आ जाती है जनता परेशान है। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इतनी बड़ी ताजिया थी कि कुल 22 लोग ताजिया लेकर वापस आ रहे थे जब ताजिया से तार छू गया तो हाईबोलटेज के झटके से 22 लोग छटक कर दूर जा गिरे और भगदड़ मच गई लोगो ने 100 नम्बर पर फोन करके सूचना दी कि प्रशासन आ जाएगा तो बिजली काट देने की सूचना अधिकारियों को दे दी जाएगी। ग्रामीणो ने हस्ताक्षर युक्त पत्रक तैयार कर अल्पसंख्यक आयोग, मानवाधिकार आयोग एवं पुलिस उच्चाधिकारियों को भेजकर न्याय की मांग करेंगे तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। न्याय न मिलनें पर न्यायालय का सहारा लिया जाएगा।
वाराणसी ब्यूरो अब्दुल्ला वारसी


