गांधीजी के विचारों और आदर्शों से प्रेरित गतिविधि में बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, रचनात्मकता, स्वावलंबन और सहयोग की भावना को मिला बढ़ावा, रंगों, कलात्मक वस्तुओं और हस्त निर्मित सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा को किया अभिव्यक्त
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बच्चों ने अपनी प्रतिभा को किया अभिव्यक्त
जमालपुर (बलिया)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में सितंबर माह 2026 के अंतिम दिवस पर जमालपुर बंशीबाजार स्थित प्रकाश विद्या मंदिर में विशेष कला एवं शिल्प गतिविधि का आयोजन किया गया। इस रचनात्मक आयोजन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। रंगों, कलात्मक वस्तुओं और हस्त निर्मित सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस गतिविधि ने बच्चों को सीखने, सोचने और अपनी कल्पनाओं को साकार करने का अवसर प्रदान किया।
बच्चों ने दिखाई सृजनात्मक प्रतिभा
आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की आकर्षक कला एवं शिल्प सामग्री तैयार की। बच्चों ने अपनी रुचि, कल्पनाशीलता और कौशल के अनुरूप रचनात्मक कार्यों में भाग लिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह प्रदर्शित किया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, प्रयोग और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों की प्रतिभा को निखारा जा सकता है।
गांधी के आदर्शों से जोड़ने की सार्थक पहल
इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, स्वावलंबन, सहयोग और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेते हुए बच्चों को अपने हाथों से कार्य करने, श्रम का सम्मान करने और सामूहिक प्रयासों के महत्त्व को समझने का अवसर मिला। आयोजन ने विद्यार्थियों को गांधीजी के विचारों एवं आदर्शों पर विचार करने के साथ उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी दी।
इनके मार्गदर्शन में संपन्न हुई गतिविधि
विद्यालय की इस विशेष गतिविधि का संचालन सांस्कृतिक प्रभारी शुभम कुशवाहा के मार्गदर्शन में किया गया। गतिविधि को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षण एवं गैर शिक्षण कर्मचारियों का महत्त्वपूर्ण सहयोग रहा। प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह और स्कूल इंचार्ज विनय कुमार सिंह ने आयोजन की निगरानी करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उनकी रचनात्मक भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों के प्रयासों को मिलीं सराहना
प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के उत्साह और रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को पाठ्य पुस्तकों से आगे बढ़कर सीखने और अपनी प्रतिभा को पहचानने का अवसर देती हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, स्वावलंबन, सहयोग और सामाजिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित होती है। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्त्वपूर्ण बताया।
इनके सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम में अचल, पल्लवी सिंह, पल्लवी तिवारी, आकांक्षा, ज्योत्सना, सानिया, साहिस्ता, विभा राय, सुनील प्रजापति, अवनीश जायसवाल, प्रिया पांडेय, आंचल पांडेय, खुशी तिवारी, शिवानी गुप्ता, मंजू गुप्ता, रजनीश यादव, दीपांजलि तिवारी, संतोष तिवारी, सर्वेश प्रजापति, अंशु राय, ज्योति मिश्रा, पंकज यादव, दिव्या राय, जनार्दन कुमार एवं सत्यम सिंह सहित विद्यालय के शिक्षकों का सक्रिय सहयोग रहा।
संस्कारों को मजबूत करने का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार ने गतिविधि में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने रचनात्मक शिक्षा के साथ-साथ स्वावलंबन, श्रम के सम्मान और सहयोग जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। विद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और शिक्षा को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहीं।
रिपोर्ट- विनोद कुमार गुप्ता

