जर्मनी की बड़ी कंपनी वॉन व्लेक्स ग्रुप ग्रेटर नोएडा के जेवर में अपने नए फुटवियर प्लांट के दूसरे चरण की रखी नींव, जर्मन तकनीक से विशाल फुटवियर सहायक उद्योग भी किया जाएगा स्थापित
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फुटवियर सहायक उद्योग किया जाएगा स्थापित
लखनऊ (ब्यूरो, उत्तर प्रदेश)। जर्मनी की एक बड़ी कंपनी वॉन व्लेक्स ग्रुप ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के जेवर में अपने नए फुटवियर प्लांट के दूसरे चरण की नींव रखी है। कंपनी ने जर्मन तकनीक के साथ अपनी पहली विशेष शू फैक्ट्री की नींव रखी है, इसमें कई देशों से लोग जुड़े हुए हैं और 300 करोड़ का निवेश हुआ है। वॉन व्लेक्स ग्रुप के सीईओ ने बताया है कि यीडा में एक विशाल फुटवियर सहायक उद्योग भी स्थापित किया जाएगा।
जर्मन तकनीक का होगा पहला फुटवियर प्लांट
यह प्लांट 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है, जिसमें 1,30,000 वर्ग फुट का कवर क्षेत्र है. वॉन व्लेक्स जर्मनी ग्रुप के भारत के सीईओ आशीष जैन ने बताया कि यह जर्मन तकनीक का उपयोग करके भारत में स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला आधुनिक फुटवियर प्लांट है।
4 मिलियन से अधिक जोड़े का होगा उत्पादन
यह फैक्ट्री एक ऐसी इकाई होगी, जिसमें अमेरिका, चीन, जापान जैसे कई अन्य देशों की भी सहभागिता होगी, जिसमें 4 मिलियन से अधिक जोड़े का उत्पादन किया जाएगा। जो दुनिया भर के 80 से अधिक देशों में निर्यात किया जाएगा और भारतीय बाजार में भी बेचा जाएगा।
सभी श्रेणियों में तैयार किए जायेंगे जूते
यह एक अनोखा सहयोग है, जिसमें जर्मन और भारतीय कंपनी मिलकर जर्मन तकनीक से काम करेंगी। इसमें सभी प्रकार के जूते, जिनमें स्पोर्ट्स शूज भी शामिल हैं, अनोखी पेटेंट तकनीक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग करके पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की श्रेणियों में तैयार किए जाएंगे।
दस हजार लोगों को मिल सकेगा रोजगार
आशीष जैन ने यह भी घोषणा की है कि समूह यमुना अथॉरिटी इलाके में ही एक विशाल फुटवियर सहायक उद्योग भी स्थापित करेगा, जिसके तहत आउटसोल, इनसोल, इंटरलाइनिंग्स और अन्य गैर-चमड़ा कच्चे माल का उत्पादन भी किया जाएगा। इससे गुणवत्ता वाले कच्चे माल की उपलब्धता में सुधार होगा, जिससे आयात को कम करके और निर्यात में वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि इन सभी फैक्ट्रियों के साथ हम लगभग 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देने की योजना बना रहे हैं। कंपनी कुल 300 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। यह परियोजना कोविड के बाद चीन से भारत में आई सबसे बड़ी फुटवियर परियोजनाओं में से एक है।
रिपोर्ट- लखनऊ ब्यूरो डेस्क